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मधुबनी पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, ₹6.44 लाख की नकली नोटो के साथ 2 गिरफ्तार

1800 से अधिक ₹200 के जाली नोट और भारी मात्रा में ₹500 के नोट बरामद; असली नोटों को नमूने के तौर पर करते थे इस्तेमाल।

बिहार, मधुबनी: बिहार में नकली नोटों के अवैध कारोबार के खिलाफ मधुबनी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक अंतर-जिला गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 6,44,000 रुपये के जाली भारतीय नोट और नोट छापने के हाई-टेक उपकरण बरामद किए गए हैं। यह गिरोह न केवल बिहार, बल्कि नेपाल तक अपनी जड़ों को फैलाने की फिराक में था।

रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी और पहली गिरफ्तारी

​घटनाक्रम की शुरुआत 15 मार्च की रात को हुई। पुलिस अधीक्षक, मधुबनी को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति जाली नोटों की बड़ी खेप लेकर मधुबनी रेलवे स्टेशन पहुंचने वाला है। त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में दो विशेष टीमों का गठन किया गया। रात करीब 10:25 बजे गेट नंबर-02 पर पुलिस को देखकर एक संदिग्ध ने भागने की कोशिश की, जिसे जवानों ने खदेड़ कर पकड़ लिया।

​पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सूर्यदेव कुमार उर्फ सूरज कुमार (निवासी: हरनौत, नालंदा) के रूप में हुई। जब उसके बैग की तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए; बैग जाली नोटों के बंडलों से भरा था।

बोधगया में चल रही थी ‘नोट छापने की फैक्ट्री’

​सूर्यदेव की निशानदेही पर पुलिस ने गया जिले के विश्वविद्यालय थाना अंतर्गत उदल पासवान के घर छापेमारी की। वहां से भी भारी मात्रा में जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह बोधगया के गौतम नगर में एक किराए के मकान में नकली नोट छापने का अवैध कारखाना चला रहा था। पुलिस ने जब वहां दबिश दी, तो नोट छापने की मशीनें और अन्य उपकरण बरामद हुए।

बरामदगी की विस्तृत सूची

​पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान न केवल नकली नोट, बल्कि उन्हें असली जैसा दिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाले नमूने और मशीनें भी जब्त की हैं:

  • जाली नोट: ₹500 के 433 नोट, ₹200 के 1847 नोट और ₹100 के 295 नोट। (कुल ₹6,44,000)
  • असली नोट (नमूने): ठगी और मिलान के लिए रखे गए ₹500, ₹200 और ₹100 के असली नोट।
  • उपकरण: 01 कलर प्रिंटर मशीन, 03 नोट कटर मशीन, पारदर्शी टेप, स्केल, कैंची, स्टैपलर और रेजर ब्लेड।

नेपाल तक जुड़े थे गिरोह के तार

​गिरफ्तार आरोपी सूर्यदेव ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि वह इन नकली नोटों को गया से लाकर नेपाल के राजाक्षेत्र नामक व्यक्ति को सप्लाई करने जा रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक बाजार में कितनी नकली मुद्रा खपाई जा चुकी है।

पुलिस की चेतावनी और अपील

​नगर थाना में कांड संख्या-133/2026 दर्ज कर दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मधुबनी पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे बड़े नोटों के लेन-देन के समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध नोट की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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