Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर में शनिवार को धार्मिक उत्साह और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला, जहाँ श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के अवसर पर भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ और ‘जय लक्ष्मी नारायण’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
पारंपरिक वेशभूषा और झांकियों ने मोहा मन
शोभा यात्रा की शुरुआत यज्ञ स्थल से हुई, जिसमें भक्ति का अद्भुत रंग देखने को मिला:
- कलश यात्रा: सैकड़ों महिलाएं और कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं।
- आकर्षक झांकियां: शोभा यात्रा में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियां निकाली गईं। देवी-देवताओं के स्वरूपों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
- जनसैलाब: पुरुष, युवा और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।
26 तारीख तक चलेगा भक्ति का महापर्व
आयोजन समिति ने बताया कि यह महायज्ञ क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए आयोजित किया जा रहा है।
- दैनिक कार्यक्रम: महायज्ञ के दौरान आगामी 26 तारीख तक प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का वाचन होगा।
- धार्मिक अनुष्ठान: सुबह में विधिवत पूजा-अर्चना और यज्ञ, जबकि शाम को सुप्रसिद्ध कथावाचकों द्वारा कथा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
- भंडारा और प्रसाद: कथा श्रवण के लिए दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु जगदीशपुर पहुँच रहे हैं, जिनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
संरक्षक का संदेश
आयोजन समिति के संरक्षक युगल मंडल ने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भावना और धार्मिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस महायज्ञ में शामिल होकर पुण्य का भागी बनने की अपील की है।
”यह महायज्ञ जगदीशपुर की पावन भूमि पर शांति और एकता का संदेश लेकर आया है। 26 तारीख तक होने वाले इस अनुष्ठान में हर दिन भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।”
— युगल मंडल, संरक्षक
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
कलश यात्रा और महायज्ञ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्य पूरी तरह सक्रिय हैं। जगह-जगह स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


