Homeबिहार“कचरे से कनेक्टिविटी तक: बिहार की ग्रामीण सड़कें अब प्लास्टिक से मजबूत”

“कचरे से कनेक्टिविटी तक: बिहार की ग्रामीण सड़कें अब प्लास्टिक से मजबूत”

Bihar News: बिहार में अब घर-घर से निकलने वाला सिंगल यूज प्लास्टिक केवल कचरे का हिस्सा नहीं रहा। ग्रामीण विकास विभाग ने इसे सड़क निर्माण का अहम हिस्सा बनाकर स्थायी और मजबूत ग्रामीण सड़कें बनाने में इस्तेमाल किया है। यह पहल लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA) के तहत की गई है, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के बाद प्लास्टिक अपशिष्ट का सही प्रबंधन किया जा रहा है।

राज्य के तीन प्रमुख जिलों – पूर्णिया, खगड़िया और औरंगाबाद में अब तक लगभग 10.5 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। इन सड़कों के निर्माण में 8 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट का उपयोग हुआ। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, प्लास्टिक को गर्म डामर के साथ मिलाकर सड़क में 7 प्रतिशत अनुपात में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सड़कें जल जमाव और मौसम की मार से सुरक्षित रहती हैं।

जिलेवार आंकड़े:

  • खगड़िया: 1 किमी सड़क, 1 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट
  • पूर्णिया: 4.05 किमी सड़क, 3.08 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट
  • औरंगाबाद: 5 किमी सड़क, 3.5 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट

ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, यह पहल पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के लिए मील का पत्थर है। “इससे न केवल सड़कें मजबूत बन रही हैं, बल्कि प्लास्टिक अपशिष्ट के सही प्रबंधन से पर्यावरण भी सुरक्षित हो रहा है,” उन्होंने कहा।

आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी इस अभिनव तकनीक को लागू कर कई किलोमीटर लंबी मजबूत सड़कें बनाने की योजना है। यह प्रयास न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यावरण को भी प्रदूषण मुक्त करने में मदद करेगा।

यह कहानी साबित करती है कि जब संसाधनों का सही और टिकाऊ उपयोग किया जाए, तो समस्या भी समाधान में बदल सकती है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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