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बिहार की बेटियों के सपनों को मिले ‘नये पंख’: पटना के मेगा जॉब फेयर में 6135 महिलाओं को मिला रोजगार

"नये अवसर, नई पहचान, नया पंख, नई उड़ान"— नीतीश सरकार की पहल से 38 जिलों की बेटियों ने रचा इतिहास; ₹5.4 लाख तक का मिला सालाना पैकेज।

Patna News: बिहार के महिला सशक्तिकरण के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा ज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय ‘महिला मेगा जॉब फेयर-2026’ का मंगलवार को शानदार समापन हुआ। इस मेले ने न केवल रोजगार के आंकड़े बदले, बल्कि बिहार की बेटियों के आत्मविश्वास को एक नई ऊंचाई दी है।

प्रमुख उपलब्धियां: एक नजर में
विवरण | आंकड़े
कुल पंजीकरण | लगभग 19,000
उपस्थित महिलाएं | 11,586

कुल चयन (Offer Letters) | 6,135
औसत पैकेज | ₹2.40 लाख प्रति वर्ष
उच्चतम पैकेज | ₹5.40 लाख प्रति वर्ष

क्षेत्रवार नियुक्तियां: कहां मिली सबसे ज्यादा नौकरियां?

इस मेले की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि महिलाओं ने केवल पारंपरिक क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि हर सेक्टर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई:
* हेल्थकेयर सेक्टर: 1,228 से अधिक नियुक्तियां (सर्वाधिक)
* टेक्सटाइल सेक्टर: 1,114 नियुक्तियां
* इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर: लगभग 800 नियुक्तियां
* इसके अलावा ऑटोमोबाइल और लॉजिस्टिक्स (Flipkart) जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं का दबदबा रहा।

रूढ़ियों को तोड़ती बिहार की बेटियां: श्रीमती बंदना प्रेयषी

समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी ने इस सफलता को ‘अभूतपूर्व’ बताते हुए कहा कि बिहार की युवतियों ने ऑटोमोबाइल जैसे पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में भी नौकरियां हासिल कर यह साबित कर दिया है कि उनके लिए कोई भी मंजिल दूर नहीं है। विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की प्रगति के लिए ‘लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन’ में महिलाओं की भूमिका अनिवार्य है।

सम्मानित हुए प्रमुख संस्थान

मेले के दौरान बेहतरीन अवसर प्रदान करने वाली कंपनियों को माननीय मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया:
* मेडिमिक्स हेल्थकेयर: ₹5.4 लाख का उच्चतम पैकेज देने के लिए।
* 2050 हेल्थकेयर: 400 से अधिक महिलाओं को रोजगार देने के लिए।
* फ्लिपकार्ट: 150 से अधिक नियुक्तियों के लिए।

सुविधाओं का रखा गया विशेष ख्याल 

बिहार के सभी 38 जिलों से आने वाली अभ्यर्थियों के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे:
* परिवहन: दूर-दराज के जिलों से आने वाली बेटियों के लिए विशेष बसों की व्यवस्था।
* समावेशी प्रयास: दिव्यांग (Handicapped) उम्मीदवारों के लिए व्हीलचेयर और विशेष सहायकों की तैनाती।
* गाइडेंस: रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क के माध्यम से मार्गदर्शन।
> “माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य हर महिला को आत्मनिर्भर बनाना है। यह जॉब फेयर इसी दिशा में एक मील का पत्थर है।”
     मदन सहनी, माननीय मंत्री, समाज कल्याण               विभाग।

भविष्य की राह

कार्यक्रम का समापन कार्यपालक निदेशक योगेश कुमार सागर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसे आयोजनों को और अधिक विस्तार दिया जाए ताकि बिहार की हर शिक्षित और हुनरमंद बेटी के हाथ में नियुक्ति पत्र हो।
क्या आप भी अगले जॉब फेयर का हिस्सा बनना चाहती हैं?

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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