New Delhi: बिहार में खेती-किसानी की तस्वीर बदलने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में बिहार के कृषि परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना और विशेष सहायता की मांग रखी गई।
प्रमुख मांगें: दलहन-तिलहन पर विशेष फोकस
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें बिहार के किसानों के हित में कई बड़े प्रस्ताव शामिल हैं:
- MSP पर खरीद का विस्तार: पहली बार मसूर की खरीद की स्वीकृति के लिए आभार जताते हुए, बिहार सरकार ने अब चना, सरसों और अन्य तिलहन फसलों की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद शुरू करने का आग्रह किया है।
- प्राथमिक राज्य का दर्जा: बिहार को देश में दलहन और तिलहन उत्पादन के लिए ‘प्राथमिक राज्य’ (Primary State) के रूप में सूचीबद्ध करने की मांग की गई है।
- अतिरिक्त केंद्रीय सहायता: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के तहत बिहार के लिए विशेष फंड की अपील की गई है।
“भारत सरकार बिहार में कृषि के विकास के लिए पूरी तरह तत्पर है। राज्य की आवश्यकताओं को देखते हुए हम जल्द ही बिहार के लिए एक विशेष कृषि विकास पैकेज सुनिश्चित करेंगे।” > — शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री
डिजिटल क्रांति: 47 लाख किसानों की बनी ‘फार्मर आईडी’
बैठक के दौरान राम कृपाल यादव ने बिहार में चल रहे डिजिटल सुधारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि:
- राज्य में अब तक 47 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।
- कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और राजस्व कर्मचारी मिशन मोड में कैंप लगाकर ‘फार्मर रजिस्ट्री’ का काम कर रहे हैं।
- इस डेटाबेस से भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुँचेगा।
खाद की कोई किल्लत नहीं: उर्वरक स्टॉक की ताजा स्थिति
किसानों को राहत देते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। 01 अप्रैल 2026 तक के आधिकारिक आंकड़े इस प्रकार हैं:
उर्वरक का प्रकार | उपलब्ध स्टॉक (लाख मीट्रिक टन) |
|---|---|
यूरिया | 2.77 |
डीएपी (DAP) | 1.46 |
एनपीके (NPK) | 2.11 |
एमओपी (MOP) | 0.43 |
एसएसपी (SSP) | 1.02 |
केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुई इस उच्च स्तरीय बैठक से बिहार के कृषि क्षेत्र में बड़े निवेश और ढांचागत सुधार की उम्मीद जगी है। यदि विशेष पैकेज को हरी झंडी मिलती है, तो बिहार देश के ‘खाद्यान्न भंडार’ के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।


