Patna News: बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित मध्यमा परीक्षा 2026 के परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खबर है। राजधानी पटना के दो प्रमुख केंद्रों— शास्त्रीनगर और मैनपुरा में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ हो चुका है। बोर्ड ने इस बार समय पर परिणाम देने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है।
अध्यक्ष का औचक निरीक्षण: निष्पक्षता पर जोर
मूल्यांकन कार्य की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने स्वयं केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कॉपियों की सूक्ष्म जाँच करने और मूल्यांकन में पूरी गोपनीयता बनाए रखने की बात कही।
“मूल्यांकन कार्य में किसी भी प्रकार की मानवीय त्रुटि या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा लक्ष्य छात्रों को उनके परिश्रम का सही परिणाम देना है।” – मृत्युंजय कुमार झा (अध्यक्ष, संस्कृत शिक्षा बोर्ड)
अनुभवी शिक्षकों की टीम और आधुनिक व्यवस्था
परीक्षा नियंत्रक उपेंद्र कुमार के अनुसार, मूल्यांकन के लिए राज्य भर से संस्कृत और अन्य आधुनिक विषयों के अनुभवी शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। केंद्रों पर सीसीटीवी (CCTV) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।
रिजल्ट की तारीख: अप्रैल के दूसरे सप्ताह में उम्मीद
बोर्ड का लक्ष्य है कि मूल्यांकन कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया जाए। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल 2026 के द्वितीय सप्ताह तक मध्यमा परीक्षा के परिणाम घोषित किए जा सकते हैं। इस खबर के बाद प्रदेश भर के हजारों परीक्षार्थियों में अपने रिजल्ट को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।


