Patna News: बिहार सरकार ने ‘सात निश्चय-03’ के “सबका सम्मान – जीवन आसान” संकल्प के तहत राज्य के नागरिकों को एक बड़ी राहत दी है। अब ग्राम पंचायतों में स्थित श्मशान घाट या कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के मात्र 24 घंटे के भीतर परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी कर दिया जाएगा।
वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव की होगी अहम भूमिका
पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- प्रपत्रों की उपलब्धता: सभी वार्ड सदस्यों को प्रपत्र 02 और प्रपत्र 08 शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।
- त्वरित कार्रवाई: मृत्यु प्रमाण पत्र पंचायत सचिव द्वारा ही निर्गत किया जाएगा ताकि परिजनों को प्रखंड कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: विभाग ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया है, जिसके जरिए यह ट्रैक किया जाएगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाण पत्र मिला या नहीं।
पंचायत सरकार भवनों और सोलर लाइट पर सख्त निर्देश
बैठक में सचिव ने विभाग की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को डेडलाइन दी:
- पंचायत सरकार भवन: राज्य में अब तक 2819 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। जो भवन बनकर तैयार हैं, उन्हें तुरंत विभाग को हस्तांतरित कर क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्ट्रीट सोलर लाइट: मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत जिन पंचायतों में काम अधूरा है, वहां 15 दिनों के अंदर लाइट लगाने का अल्टीमेटम दिया गया है। लापरवाह एजेंसियों पर अनुबंध के आधार पर कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं।
पारदर्शिता के लिए ‘ई-पंचायत बिहार पोर्टल’ का विस्तार
पंचायती राज विभाग ने उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए ‘ई-पंचायत बिहार पोर्टल’ पर यूसी मॉड्यूल (UC Module) को जोड़ने का काम पूरा कर लिया है। इससे सरकारी राशि के खर्च और उसके हिसाब-किताब में मानवीय देरी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।
“हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण स्तर पर सरकारी सेवाओं को इतना सुलभ बनाया जाए कि आम जनता को परेशानी न हो। 24 घंटे में मृत्यु प्रमाण पत्र मिलना इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।” > — मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग
वित्त आयोग की राशि का होगा त्वरित उपयोग
सचिव ने सभी जिलों के उप-विकास आयुक्तों (DDC) को निर्देशित किया कि 15वीं वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग से प्राप्त राशि को जनकल्याणकारी योजनाओं पर तेजी से खर्च करें। बैठक में विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


