Bhagalpur News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। आज भागलपुर सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) कार्यालय में छापेमारी कर निगरानी विभाग की टीम ने एक लिपिक (किरानी) और एक स्टेनो को 70 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे समाहरणालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया।
सेवा संपुष्टि के बदले मांगी थी मोटी रकम
मिली जानकारी के अनुसार, नाथनगर आपूर्ति कार्यालय में पदस्थापित अभिजीत कुमार से उनकी सेवा संपुष्टि (Service Confirmation) के एवज में आरोपियों द्वारा 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। काफी मिन्नतें करने के बाद भी जब लिपिक मयंक कुमार और स्टेनो प्रेम कुमार बिना पैसे काम करने को तैयार नहीं हुए, तो पीड़ित अभिजीत कुमार ने इसकी लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से की।
डीएसपी के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम ने की छापेमारी
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया। पटना से डीएसपी विद्यांचल प्रसाद के नेतृत्व में नौ सदस्यीय विशेष टीम भागलपुर पहुंची। जैसे ही अभिजीत कुमार रिश्वत की राशि लेकर SDM कार्यालय पहुंचे, स्टेनो प्रेम कुमार ने उन्हें पैसे लिपिक मयंक कुमार को देने का इशारा किया। पैसे का लेनदेन होते ही सादे लिबास में तैनात निगरानी की टीम ने दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया।
आरोपियों को लेकर पटना रवाना हुई टीम
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम ने जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की और दोनों आरोपियों—मयंक कुमार और प्रेम कुमार—को हिरासत में लेकर पटना रवाना हो गई। पटना स्थित निगरानी कोर्ट में पेशी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी विद्यांचल प्रसाद ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
इस बड़ी कार्रवाई ने भागलपुर के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। चर्चा है कि कई अन्य फाइलों के निपटारे के नाम पर भी अवैध वसूली का खेल चल रहा था, जिस पर अब निगरानी की पैनी नजर है।


