Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बड़ी खंजरपुर दुर्गा स्थान इलाके में आज उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब गंगा नदी की लहरों ने एक होनहार छात्र की जिंदगी छीन ली। इंटर के छात्र ओम कुमार यादव की डूबने से हुई मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, निरंजन यादव के पुत्र ओम कुमार यादव दोपहर के समय गंगा नदी के दूसरी ओर मवेशियों के लिए चारा (घास) लाने गए थे। नदी पार करने या काम करने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में समा गए। मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक कोई कुछ समझ पाता, ओम आंखों से ओझल हो चुके थे।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने 112 आपातकालीन सेवा को सूचित किया और एसडीआरएफ (SDRF) टीम को भी घटना की जानकारी दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि:
- SDRF की देरी: राहत दल को सूचना देने के बावजूद टीम करीब एक घंटे की देरी से पहुंची।
- स्थानीय प्रयास: प्रशासन के आने से पहले स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे तक खुद के जोखिम पर युवक की तलाश करते रहे।
- ग्रामीणों का आक्रोश: लोगों का कहना है कि अगर बचाव दल समय पर पहुंच जाता, तो शायद ओम को जीवित बचाया जा सकता था।
असुरक्षित घाट और बार-बार होते हादसे
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि बड़ी खंजरपुर के इन घाटों पर पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने न तो यहाँ कोई चेतावनी बोर्ड लगाया है और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग या गार्ड्स की तैनाती की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
परिवार का बुझ गया चिराग
मृतक ओम कुमार यादव अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे थे। वह इंटर की पढ़ाई कर रहे थे और परिवार को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं। इस असमय मौत ने परिवार की खुशियां उजाड़ दी हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
“प्रशासन की अनदेखी और देरी ने आज एक माँ की गोद सूनी कर दी। कब तक हम गंगा की गोद में अपने बच्चों को खोते रहेंगे?”
— एक आक्रोशित ग्रामीण


