Patna News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज ’40वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति’ की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आम जनता की जमा राशि को सुरक्षित रखने और साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए कई क्रांतिकारी निर्देश जारी किए गए। बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर और RBI के क्षेत्रीय निदेशक भी मौजूद रहे।
असली और नकली बैंक कॉल की पहचान का नया फॉर्मूला
बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के क्षेत्रीय निदेशक ने धोखाधड़ी से बचने के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
- नया हेल्पलाइन नंबर: अब बैंकों द्वारा की जाने वाली आधिकारिक कॉल ‘1600’ से शुरू होने वाले नंबरों से ही आएंगी। इसके अलावा किसी अन्य नंबर से बैंक कॉल का दावा करने वालों से सावधान रहें।
- वेबसाइट की पहचान: बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के लिंक के अंत में ‘.in’ होना अनिवार्य है। अगर लिंक में कुछ और है, तो वह फर्जी हो सकता है।
भारत-नेपाल सीमा पर जाली नोटों के खिलाफ मोर्चा
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित सभी बैंक शाखाओं में ‘नोट सॉर्टिंग मशीन’ लगाना अनिवार्य होगा। इससे जाली नोटों के संचलन को पूरी तरह से रोका जा सकेगा। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए अधिक से अधिक ‘करेंसी एक्सचेंज’ केंद्र खोले जाएंगे।
अवैध लोन ऐप्स और चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई
साइबर अपराध और अवैध वित्तीय योजनाओं पर नकेल कसते हुए मुख्य सचिव ने सख्त रुख अपनाया:
- लोन ऐप्स पर बैन: ‘नाइट्रोफिन फाइनेंशियल’ जैसे अवैध लोन ऐप्स को साइबर सेल ने हटवा दिया है।
- FIR और निगरानी: ‘पुर्णोदय निधि लिमिटेड’ के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जबकि ‘सम्रद्ध बेस्टविन माइक्रो फाइनेंस’ जैसी संस्थाओं की कड़ी निगरानी की जा रही है।
- BUDS एक्ट: बिना रजिस्ट्रेशन के जमा योजना चलाने वाली संस्थाओं के खिलाफ (BUDS Act 2019) के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
AI से पकड़ी जाएगी धोखाधड़ी
RBI ने बैठक में ‘डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ (DPIP) के बारे में बताया। यह एक आधुनिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सिस्टम है जो रियल टाइम में संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता लगाकर उसे रोक देता है।
प्रमुख निर्देश एक नज़र में:
- बैंक कॉल की पहचान अब 1600 सीरीज के नंबर से होगी।
- भोजपुरी और मैथिली में रेडियो जिंगल्स के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी।
- सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता के लिए नियमित समीक्षा होगी।


