Bhagalpur News: भागलपुर में आज हिंदूवादी संगठनों ने अपनी मांगों और देश में बढ़ती कथित जिहादी गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन ने शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। कचहरी चौक पर जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित जिहादी घटनाओं और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कचहरी चौक से उठी विरोध की गूँज: लव जिहाद और लैंड जिहाद पर निशाना
प्रदर्शन की शुरुआत भागलपुर के हृदय स्थल कचहरी चौक से हुई। कार्यकर्ताओं के हाथों में मौजूद बैनर और पोस्टर समाज में फैल रही विभिन्न समस्याओं की ओर इशारा कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से निम्नलिखित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया:
- लव जिहाद: नागरिक तंत्र में बढ़ती कथित सुनियोजित घटनाएं।
- अवैध भूमि कब्जा: सरकारी और निजी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण (लैंड जिहाद) के खिलाफ आक्रोश।
- अशुद्ध खान-पान: खाद्य पदार्थों में जानबूझकर की जा रही अपवित्रता का मुद्दा।
- उत्पीड़न: हिंदू परिवारों और जनजातीय समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा पर चिंता।
“यह सिर्फ चेतावनी है”: बजरंग दल नेता विशू मंडल का बड़ा बयान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल भागलपुर के नेता विशू मंडल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देश और समाज में ‘जिहादी मानसिकता’ के तहत असंतुलन पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
विशू मंडल ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
”आज का यह प्रदर्शन प्रशासन के लिए एक चेतावनी मात्र है। यदि लव जिहाद, लैंड जिहाद और हिंदू परिवारों के उत्पीड़न जैसी घटनाओं पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में बजरंग दल पूरे राज्य में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शहर के प्रमुख मार्गों पर निकला मार्च
विरोध प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा। कचहरी चौक से लेकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों तक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संदेश दिया और सभा के माध्यम से सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की।
नेताओं ने मांग की कि समाज में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए उन तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए जो सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
भागलपुर में बढ़ा सामाजिक और राजनीतिक पारा
कचहरी चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करने के बाद यह विरोध मार्च एक सभा में तब्दील होकर संपन्न हुआ। स्थानीय स्तर पर इस प्रदर्शन को एक बड़ी राजनीतिक गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है, जिसने जनता और प्रशासन दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।


