Patna News: बिहार में आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की समस्या न हो, इसके लिए कृषि विभाग ने अभी से कमर कस ली है। सोमवार को कृषि भवन, मीठापुर में कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में राज्य के प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं और निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।
पर्याप्त स्टॉक: घबराने की जरूरत नहीं
बैठक को संबोधित करते हुए कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य के पास 2.84 लाख टन यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने विक्रेताओं को निर्देश दिया कि स्टॉक का प्रबंधन सही तरीके से करें और किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के आधार पर ही उर्वरक की बिक्री करें।
कंपनियों और थोक विक्रेताओं को सख्त चेतावनी
कृषि निदेशक ने उर्वरक कंपनियों और थोक विक्रेताओं को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है:
- टैगिंग पर रोक: कोई भी कंपनी या दुकानदार खाद के साथ जबरन अन्य उत्पाद (जैसे जिंक या सल्फर) की टैगिंग नहीं करेगा। ऐसा करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- उचित मूल्य: यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों को निर्धारित एमआरपी (MRP) पर ही खाद मिले।
- FOR सप्लाई: सभी आपूर्तिकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि ‘Freight on Rate’ (FOR) के आधार पर उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करें।
वैकल्पिक उर्वरकों पर जोर
मिट्टी की सेहत सुधारने और पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए कृषि निदेशक ने विक्रेताओं से अपील की कि वे किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों (जैसे नैनो यूरिया आदि) के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि चूंकि अभी फसल का मुख्य मौसम शुरू होने में समय है, इसलिए जिला और राज्य स्तर पर भंडारण और संरक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
गलत करने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई
बैठक में मौजूद पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कृषि निदेशक ने कहा कि यदि कोई दुकानदार, थोक विक्रेता या विभाग का कोई कर्मचारी अनियमितता बरतता है या अवैध वसूली करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से आए थोक विक्रेताओं और विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।


