Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पिरपैंती प्रखंड में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। टेंडर आवेदन की अंतिम तिथि को लेकर सामने आए विरोधाभास के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टेंडर से संबंधित सूचना अखबार में प्रकाशित की गई थी, जिसमें आवेदन की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 निर्धारित बताई गई थी। इस सूचना के आधार पर कई इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने पर अधिकारियों ने आवेदन की अंतिम तिथि 24 मार्च ही समाप्त होने की जानकारी दी, जिससे लोगों में भ्रम और नाराजगी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस विरोधाभास के बाद आक्रोशित लोगों ने प्रखंड कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि तिथि में इस तरह का बदलाव जानबूझकर किया गया है, ताकि कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके। उन्होंने इस पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो यह सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावित करेगा और आम लोगों का भरोसा भी टूटेगा। उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट जवाब देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, इस पूरे मामले में प्रखंड प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ती जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस घटना के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यह घटना सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और लोगों की मांगों पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है।
पिरपैंती प्रखंड में टेंडर तिथि विवाद से बवाल, आक्रोशित लोगों ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल
अखबार में 30 मार्च अंतिम तिथि, कार्यालय में 24 मार्च बताने से बढ़ा विवाद—मिलीभगत के आरोप, जांच की मांग तेज
RELATED ARTICLES


