Bhagalpur News: कहते हैं कि प्रतिभा को फलने-फूलने के लिए किसी आलीशान महल की नहीं, बल्कि अटूट संकल्प और कड़े परिश्रम की जरूरत होती है। भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत सन्हौली पंचायत के कोइली खुटाहा गांव ने आज इस बात को सच कर दिखाया है। यहाँ के दो सगे भाइयों, भवानी शंकर और रवि शंकर ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षा में एक साथ सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।
मेहनत का मीठा फल: सरपंच के बेटों ने रचा इतिहास
सन्हौली पंचायत के वर्तमान सरपंच विनोद कुमार यादव के घर आज खुशी का ठिकाना नहीं है। उनके दोनों पुत्रों ने एक ही साथ अधिकारी बनकर यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता कदम चूमती है। भवानी और रवि की इस उपलब्धि ने ग्रामीण युवाओं के बीच एक नई उम्मीद जगाई है।
बचपन से ही था ‘अधिकारी’ बनने का जुनून
पिता विनोद कुमार यादव गर्व से बताते हैं कि भवानी और रवि बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी मेधावी थे। खेल-कूद के बजाय उनका ज्यादा समय किताबों के बीच बीतता था। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों भाइयों ने कभी हार नहीं मानी। उनकी इस कामयाबी ने स्पष्ट कर दिया है कि गाँव की पगडंडियों से निकलकर भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँचा जा सकता है।
गांव में दिवाली जैसा माहौल, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत
जैसे ही यह खबर गांव में फैली कि कोइली खुटाहा के दो लाल एक साथ अधिकारी बन गए हैं, पूरे पंचायत में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार है जब एक ही घर से दो सगे भाइयों ने एक साथ इतनी बड़ी सफलता हासिल की है।
युवाओं के लिए बने ‘रोल मॉडल’
भवानी शंकर और रवि शंकर की यह जोड़ी अब क्षेत्र के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने उज्जवल भविष्य की कामना की है। सरपंच विनोद कुमार यादव ने भावुक होते हुए कहा, “मेरे बेटों की यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि पूरी पंचायत की जीत है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा करेंगे।”


