Bhagalpur News: शहरवासियों को लंबे समय से परेशान कर रही जाम की समस्या से अब जल्द निजात मिलने की उम्मीद जगी है। यातायात डीआईजी का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार भागलपुर पहुंचे सुशांत कुमार सरोज ने स्पष्ट कर दिया है कि ट्रैफिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ स्वागत
भागलपुर आगमन पर डीआईजी सुशांत कुमार सरोज को पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके तुरंत बाद वे एक्शन मोड में नजर आए और सीधे स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस महकमे के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक के मुख्य बिंदु: जाम पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
सभागार में आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से तीन एजेंडे हावी रहे:
- शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम: पीक ऑवर्स के दौरान लगने वाले भीषण जाम को कम करने के लिए रूट चार्ट और पुलिस बल की तैनाती पर मंथन।
- विक्रमशिला सेतु पर भारी वाहन: पुल पर ट्रकों और भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने के लिए विशेष रणनीति।
- स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट: कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती।
”हमारा मुख्य उद्देश्य जनता को जाम मुक्त सड़क देना है। विक्रमशिला सेतु से लेकर शहर की गलियों तक, यातायात सुगम बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।”
— सुशांत कुमार सरोज, यातायात डीआईजी
बांका और नवगाछिया के अधिकारी भी रहे मौजूद
यह बैठक केवल भागलपुर शहर तक सीमित नहीं थी। इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों के तालमेल पर भी जोर दिया गया। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी शामिल हुए:
- भागलपुर एसएसपी और सिटी एसपी
- नवगाछिया एसपी
- बांका के डीएसपी
- ट्रैफिक डीएसपी एवं अन्य पुलिस उपाधीक्षक
विक्रमशिला सेतु पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में यह बात निकलकर आई कि विक्रमशिला सेतु पर लगने वाला जाम पूरे जिले की रफ्तार रोक देता है। डीआईजी ने नवगाछिया और भागलपुर पुलिस को आपसी समन्वय बनाकर नो-एंट्री और भारी वाहनों की कतार को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया है।
क्या बदलेगी शहर की तस्वीर?
डीआईजी की इस सक्रियता के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में सड़कों पर बदलाव नजर आएगा। अतिक्रमण हटाओ अभियान और ई-रिक्शा के रूट निर्धारण जैसे कड़े फैसले भी जल्द लिए जा सकते हैं।


