Bhagalpur News: मार्च की विदाई के साथ ही मौसम के मिजाज ने करवट बदल ली है। अप्रैल महीने का पहला सप्ताह शुरू होते ही भागलपुर और आस-पास के इलाकों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। सुबह की गुनगुनी धूप अब दोपहर होते-होते ‘आग की लपटों’ जैसा अहसास करा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है।
दोपहर में ‘कर्फ्यू’ जैसा मंजर
आलम यह है कि सुबह 10 बजते ही सूरज की किरणें चुभने लगती हैं। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच तापमान में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण मुख्य सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बढ़ते पारे ने राहगीरों और बाइक सवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बचाव के लिए ‘देसी’ जुगाड़ का सहारा
भीषण लू और तपिश से बचने के लिए लोग अब पारंपरिक सुरक्षा उपायों की ओर लौट रहे हैं। सड़कों पर चलने वाले मजदूर, रिक्शा चालक और राहगीर अपने सिर को तौलिया या गमछे से ढंककर धूप से बचते नजर आ रहे हैं। वहीं, महिलाएं और छात्र छाते का सहारा ले रहे हैं। इसके साथ ही, गन्ने का रस, बेल का शरबत और सत्तू जैसे ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।
बाजारों की बदली रौनक
गर्मी का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी दिख रहा है। दोपहर के वक्त बाजारों में ग्राहकों की संख्या नगण्य हो जाती है, जिससे दुकानदार भी परेशान हैं। हालांकि, शाम ढलते ही जैसे ही तापमान में थोड़ी गिरावट आती है, बाजारों में रौनक फिर से लौट आती है। लोग शाम के समय ही खरीदारी और जरूरी कामकाज निपटाना पसंद कर रहे हैं।
आने वाले दिनों के लिए अलर्ट
मौसम विभाग और जानकारों का मानना है कि अप्रैल की शुरुआत में गर्मी का यह रूप केवल एक संकेत है। आने वाले दिनों में लू (Loo) का प्रकोप और बढ़ सकता है, जिससे तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचने की संभावना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग अधिक से अधिक पानी पिएं और सीधी धूप के संपर्क में आने से बचें।
रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर


