Bhagalpur News: अपनी लंबित मांगों और विभागीय अनदेखी के खिलाफ आज जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले माध्यमिक शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव किया। ‘हमारी मांगें पूरी करो’ और ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ के नारों से पूरा कार्यालय परिसर गूँज उठा। बड़ी संख्या में जुटे शिक्षकों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब वे अपने हक के लिए और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं।
प्रमुख मांग: हिंदी विद्यापीठ की उपाधि और प्रमोशन का मामला
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने जोर देकर कहा कि उनकी मांगों को लंबे समय से ठंडे बस्ते में डाला गया है। धरने के दौरान मुख्य रूप से दो तकनीकी और कानूनी मांगों पर ध्यान आकर्षित किया गया:
- हिंदी विद्यापीठ देवघर: संघ की मांग है कि हिंदी विद्यापीठ देवघर से उपाधि प्राप्त शिक्षकों को बिना किसी देरी के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति (Promotion) दी जाए।
- राघवेन्द्र शर्मा बनाम बिहार सरकार: शिक्षकों ने मांग की कि राघवेन्द्र शर्मा मामले में माननीय न्यायालय के आदेश के आलोक में प्रोन्नति की प्रक्रिया को तुरंत लागू किया जाए।
इन 9 मांगों पर अड़ा शिक्षक संघ
शिक्षकों ने कुल नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिनमें प्रमुख हैं:
- प्रधानाध्यापक पद पर लंबित प्रोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।
- सेवा शर्तों में सुधार और विसंगतियों को दूर करना।
- लंबित वेतन और अन्य एरियर का शीघ्र भुगतान।
- प्रोन्नति के मामलों का समयबद्ध निष्पादन।
“हम केवल अपना हक मांग रहे हैं। सालों से लंबित फाइलों के कारण शिक्षकों का करियर अधर में लटका है। अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो यह धरना उग्र आंदोलन का रूप लेगा।”
— संघ प्रतिनिधि
प्रशासन को सीधी चेतावनी
धरने के दौरान शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि विभाग केवल आश्वासन देता है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन 9 मांगों पर जल्द ही कोई ठोस आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया, तो जिला स्तर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन राज्य स्तर तक पहुंचेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
देर शाम तक चले इस धरने ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी शिक्षकों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।


