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बिहार में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ की समीक्षा बैठक संपन्न: सोलर रूफटॉप और मॉडल सोलर विलेज पर फोकस

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय सहायता पर चर्चा, 4.82 लाख घरों को सोलर कवर करने का लक्ष्य

Patna News: बिहार सरकार ने ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की और इसमें सभी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह, जीविका के सीईओ हिमांशु एवं प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य योजना की अद्यतन स्थिति का आकलन करना, कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के आच्छादन की प्रगति पर निगरानी रखना और मॉडल सोलर विलेज की स्थापना पर तेजी लाना था।
बैठक में योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य और लाभों पर विस्तृत चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक लगभग 4.82 लाख घरों को सोलर रूफटॉप से आच्छादित करने का लक्ष्य तय किया गया है। योजना में 1 किलोवाट के प्लांट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर अधिकतम 78,000 रुपये की केंद्रीय सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं के लिए 6.0% की किफायती ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि बैंकों द्वारा ऋण आवेदन में अनावश्यक दस्तावेजों की मांग पर रोक लगाई जाए। अधिकांश आवेदन 3 किलोवाट से कम क्षमता वाले हैं, ऐसे मामलों में पैन कार्ड या आय प्रमाण पत्र जैसी गैर-जरूरी मांग नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ऋण आवेदन, स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष कैंप आयोजित करेंगे। योजना के सुचारू संचालन के लिए बैंकों में नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
ULA (Utility Led Aggregator) मॉडल के तहत अगले चार वर्षों में 58 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के पहले चरण में प्रत्येक ब्लॉक की पांच पंचायतों का चयन किया जाएगा ताकि पूर्ण आच्छादन लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सके। अक्टूबर 2026 तक 2.5 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। इसके लिए ‘जीविका दीदियों’ की मदद ली जाएगी, जो ग्रामीण घरों में आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाएंगी।
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले में ‘मॉडल सोलर विलेज’ विकसित करने पर भी जोर दिया। चयनित गांवों को 1 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) दी जाएगी। योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। शेष 28 जिलों में योग्य गांवों का चयन शीघ्र पूरा करने और प्रतियोगिता अवधि शुरू करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए।
बैठक में योजना की निगरानी, गति बढ़ाने और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए तत्काल नोडल अधिकारियों का नामांकन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बिहार सरकार का उद्देश्य है कि योजना के माध्यम से राज्य के ग्रामीण घरों में स्वच्छ और किफायती ऊर्जा पहुँच सके और हर जिले में मॉडल सोलर विलेज का निर्माण कर सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा मिले।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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