Patna News: बिहार की राजधानी पटना के मरीन ड्राइव (जेपी गंगा पथ) को पर्यावरण के अनुकूल और सुंदर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। शनिवार को पटना के होटल ताज सिटी सेंटर में आयोजित “मानव-वन्यजीव: द्वंद से सह-अस्तित्व की ओर” विषय पर आयोजित कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि अगले तीन महीनों के भीतर मरीन ड्राइव पर एक लाख पेड़ लगाए जाएंगे।
विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन अनिवार्य
उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार विकास की गति को धीमा किए बिना पर्यावरण को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- क्षतिपूर्ति पौधारोपण: विकास कार्यों के दौरान यदि कहीं भी पेड़ काटने की मजबूरी होती है, तो उसके बदले अन्य स्थानों पर उससे कहीं अधिक संख्या में पौधे लगाए जाते हैं।
- बढ़ता वन क्षेत्र: बिहार के बंटवारे के समय राज्य में वन क्षेत्र मात्र 6 प्रतिशत था, जो पिछले 20 वर्षों के निरंतर प्रयासों से अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है।
ईको-टूरिज्म और पटना के लिए नई सौगातें
बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से उभारने के लिए डिप्टी सीएम ने कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:
- लव कुश पार्क: वाल्मीकि नगर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य पार्क का निर्माण किया जा रहा है।
- वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम: पटना मरीन ड्राइव के पास विश्व स्तरीय एक्वेरियम बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
- वाटर मेट्रो: पटनावासियों को जल्द ही वाटर मेट्रो रेल की सुविधा मिलेगी, जो परिवहन के क्षेत्र में एक नई क्रांति होगी।
देसी प्रजातियों के पौधों से सजेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर’
कार्यशाला में मौजूद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि पटना-डोभी ग्रीन कॉरिडोर के किनारे पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन जैसे देसी प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पौधों की तुलना में देसी पेड़ पर्यावरण के लिए अधिक लाभदायक और टिकाऊ होते हैं।
वहीं, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने वन्य जीवों के कॉरिडोर संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और सर्वे रिपोर्ट का विमोचन
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वाल्मीकि नगर सांसद सुनील कुमार, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह और आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान ‘भीमबांध वन्यप्राणी आश्रयणी’ की सर्वे रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रभात कुमार सहित कई विशेषज्ञ और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार की इस पहल से न केवल पटना की आबोहवा सुधरेगी, बल्कि मरीन ड्राइव आने वाले पर्यटकों के लिए यह इलाका अब और भी ज्यादा सुकून भरा और हरियाली से भरपूर होगा।


