जगदीशपुर (भागलपुर): गर्मी की आहट के साथ ही भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड में पेयजल संकट गहराने लगा है। प्रखंड के वार्ड संख्या 08 में खराब पड़े चापाकलों के कारण स्थिति नारकीय हो गई है। बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों ने अब थक-हारकर प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को लिखित आवेदन सौंपकर पेयजल समस्या के स्थाई समाधान की मांग की।
गर्मी शुरू होते ही गहराया संकट
ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले का मुख्य चापाकल पिछले कई महीनों से दम तोड़ चुका है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही भू-जल स्तर नीचे चला गया है, जिससे अन्य जल स्रोत भी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में चापाकल खराब होने से लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को मजबूरी में कई किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
पेयजल संकट का सबसे बुरा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। घरेलू काम-काज के लिए भी पानी जुटाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
* कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
* पीएचईडी विभाग की लापरवाही के कारण मरम्मत कार्य अधर में लटका है।
* दूर से पानी लाने के कारण बच्चों की पढ़ाई और दैनिक मजदूरी भी प्रभावित हो रही है।
आक्रोश: जल्द समाधान नहीं तो करेंगे उग्र प्रदर्शन
प्रखंड कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने साफ लहजे में कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। यदि एक सप्ताह के भीतर चापाकल की मरम्मत नहीं कराई गई और पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हुई, तो ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।
प्रशासनिक आश्वासन
आवेदन प्राप्त होने के बाद बीडीओ ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि संबंधित विभाग को तुरंत मरम्मत हेतु निर्देशित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही तकनीकी टीम भेजकर चापाकल को दुरुस्त कराया जाएगा ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।


