Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और उसे उद्योग जगत में अग्रणी पहचान दिलाने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव, बिहार, प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ का सफल आयोजन किया। यह महत्वपूर्ण बैठक पटना हवाई अड्डे के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चली। बैठक में कुल 11 प्रमुख निवेशकों ने भाग लिया, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और परिवहन क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियां शामिल थीं।
मुख्य सचिव ने सभी निवेशकों के व्यावसायिक प्रस्तावों को ध्यानपूर्वक सुना और बिहार में उद्योग स्थापित करने के मार्ग में आ रही जमीनी बाधाओं को दूर करने पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने संबंधित विभागों के प्रधान सचिवों और सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निवेशकों को हर संभव और त्वरित सहायता प्रदान की जाए ताकि राज्य में निवेश का माहौल और मजबूत हो।
बैठक में उपस्थित उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार और गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने भी निवेशकों को राज्य में उपलब्ध अवसरों और तकनीकी सहयोग की जानकारी दी।
मुख्य निवेश प्रस्ताव:
AION Pvt Ltd के निदेशक करण हैरी धौल ने एआई एनालिटिक्स और फोरकास्टिंग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा की और बिहार के बिजली विभाग के साथ सहयोग का प्रस्ताव रखा।
Zydex Industries Pvt Ltd के COO हिमांशु अग्रवाल ने सड़क निर्माण में जर्जरता से बचाने की अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया और इसके माध्यम से सड़क निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाने का दावा किया।
Icon Communication के अनुपम श्रीवास्तव ने डाउनस्ट्रीम कम्युनिकेशन मॉडल के माध्यम से स्वास्थ्य और ‘जीविका’ कार्यक्रमों में योगदान देने की योजना साझा की।
Appycrown के CEO ओम प्रकाश ने क्लाउड-बेस्ड एप्लिकेशन और सेल्सफोर्स कंसल्टिंग के क्षेत्र में बिहार सरकार के साथ साझेदारी करने की इच्छा जताई।
इसके अतिरिक्त बैठक में Tensor Analytics, Riya Cabs and Trip, Quess Corp Ltd, Sheel Biotech Ltd, Kivisa Agro, M/S S L Chemicals & Organics Pvt Ltd और Raymed Group जैसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
बैठक में निवेशकों ने यह निवेदन किया कि यदि उनकी कंपनियों को तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़े, तो संबंधित विभाग त्वरित समाधान प्रदान करें। इस पर मुख्य सचिव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करेगी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई यह उद्योग वार्ता बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। निवेशकों और सरकार के बीच इस सहयोग से राज्य में रोजगार, तकनीकी विकास और आर्थिक प्रगति को नई गति मिलने की संभावना है।


