Patna News: बिहार सरकार के परिवहन मंत्री Shravan Kumar ने पूर्णिया जिले के दालकोला चेकपोस्ट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चेकपोस्ट पर मौजूद व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हर हाल में शत-प्रतिशत हासिल करना होगा और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मौके पर मौजूद एक्साइज इंस्पेक्टर, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (एडीटीओ) सह करारोपण पदाधिकारी और प्रवर्तन निरीक्षक (ईआई) को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग को 51 करोड़ 54 लाख रुपये के राजस्व संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है, जिसे समय पर पूरा करना अनिवार्य है।
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एसडीटीओ गौतम कुमार ने अब तक 16 हजार 613 वाहनों से चालान के माध्यम से 4 करोड़ 85 लाख 33 हजार 899 रुपये की वसूली की है। वहीं प्रवर्तन निरीक्षक कुंदन कुमार द्वारा 10 हजार 99 वाहनों से 2 करोड़ 66 लाख 61 हजार 700 रुपये का राजस्व वसूल किया गया है। मंत्री ने लक्ष्य की तुलना में कम राजस्व वसूली पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
किशनगंज-अररिया सीमा पर बनेगा नया चेकपोस्ट
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि किशनगंज-अररिया सीमा पर नई सड़क बनने के बाद उस मार्ग से वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया है। इस पर मंत्री ने गलगलिया क्षेत्र में नया चेकपोस्ट बनाने का निर्देश दिया, ताकि पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों की नियमित जांच हो सके और परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
साफ-सफाई और रोशनी व्यवस्था पर जताई नाराजगी
चेकपोस्ट परिसर का निरीक्षण करते समय मंत्री ने साफ-सफाई की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने, परिसर की सड़क की मरम्मत कराने, चालान जारी करने वाले स्थानों का रंग-रोगन कराने और पूरे क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि दालकोला चेकपोस्ट राज्य के महत्वपूर्ण चेकपोस्टों में से एक है। यहां से पूर्वोत्तर बिहार के कई जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिलीगुड़ी की ओर जाने वाले वाहनों का भारी आवागमन होता है। ऐसे में यहां की व्यवस्था दुरुस्त रखना बेहद जरूरी है ताकि राजस्व संग्रहण के साथ-साथ यातायात संचालन भी सुचारु रूप से हो सके।


