New Delhi: 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष के साथ देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था के तहत बड़ा फैसला लेते हुए सालाना ₹12 लाख तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया है। यह बदलाव नए टैक्स सिस्टम का हिस्सा है, जो Income Tax Act 2025 के लागू होने के साथ प्रभावी होगा।
अब तक मिडिल क्लास के लोगों को टैक्स के बोझ से राहत की मांग लंबे समय से की जा रही थी। ऐसे में सरकार के इस फैसले को आम आदमी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। खासकर नौकरीपेशा और छोटे कारोबारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
नई व्यवस्था में टैक्स छूट (rebate) की सीमा को बढ़ाकर ₹12 लाख कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि यदि आपकी कुल सालाना आय इस सीमा के अंदर है, तो आपको कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि, यह छूट नई टैक्स प्रणाली के तहत ही लागू होगी, इसलिए करदाताओं को सही विकल्प चुनना जरूरी होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से लोगों की बचत बढ़ेगी और खर्च करने की क्षमता में भी इजाफा होगा। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट कुछ शर्तों के साथ आती है। यदि आपकी आय ₹12 लाख से अधिक है, तो तय स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा। साथ ही, नई टैक्स व्यवस्था में कई पुराने डिडक्शन (जैसे 80C, HRA आदि) सीमित या समाप्त हो सकते हैं।
टैक्स एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि करदाता अपनी आय, निवेश और खर्च को ध्यान में रखते हुए पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था का सही तुलना करें और फिर फैसला लें।
निष्कर्ष:
₹12 लाख तक टैक्स फ्री की यह घोषणा मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। 1 अप्रैल से लागू होने वाला यह नियम आम लोगों की जेब पर सकारात्मक असर डालेगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
1 अप्रैल से ₹12 लाख तक की कमाई पर नहीं देना होगा टैक्स, मिडिल क्लास को बड़ी राहत
नई टैक्स व्यवस्था में बढ़ी छूट, लाखों सैलरीड और मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधा फायदा


