Bhagalpur News: गंगा घाटों पर होने वाली डूबने की घटनाओं और अकाल मृत्यु को रोकने के लिए ‘जीवन जागृति सोसाइटी’ ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। रविवार को संस्था द्वारा सबौर प्रखंड के बाबूपुर घाट पर बांस की मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई। इस सुरक्षा घेरे को स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि, वार्ड सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों की मौजूदगी में ग्रामीणों को सुपुर्द किया गया, ताकि भविष्य में कोई भी अनहोनी न हो।
“गंगा जल की जगह मृत शरीर घर आए, यह पीड़ा बर्दाश्त नहीं”: डॉ. अजय कुमार सिंह
बैरिकेडिंग का उद्घाटन करते हुए संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने भावुक होते हुए कहा:
”जब कोई व्यक्ति पुण्य प्राप्ति के लिए गंगा स्नान को निकलता है और घर उसका मृत शरीर पहुँचता है, तो उस परिवार की पीड़ा असहनीय होती है। सरकार त्योहारों पर तो बैरिकेडिंग करती है, लेकिन गंगा स्नान एक साल भर चलने वाला सिलसिला है। हमारी कोशिश है कि हर स्नानार्थी सुरक्षित अपने घर लौटे।”
बचाव के लिए ‘स्थानीय समिति’ का गठन और आत्मनिर्भर पहल
संस्था ने केवल बैरिकेडिंग ही नहीं की, बल्कि इसकी सुरक्षा के लिए एक ‘बचाव समिति’ भी बनाई है।
- माइकिंग और निगरानी: घाट पर एक स्थानीय व्यक्ति को आर्थिक मदद देकर दुकान खुलवाई जाएगी और उसे एक माइक दिया जाएगा। उसका काम बैरिकेडिंग से छेड़छाड़ करने वालों को रोकना और लोगों को गहरे पानी में जाने से आगाह करना होगा।
- निरंतर अभियान: डॉ. सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले बटेश्वर स्थान में बैरिकेडिंग की गई थी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सरकार से अपील: मुआवजे से बेहतर है बचाव पर खर्च
डॉ. अजय सिंह ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि बिहार सरकार हर साल डूबने वालों के परिजनों को करोड़ों रुपये मुआवजे के रूप में देती है। यदि उस राशि का एक तिहाई हिस्सा भी घाटों पर सुरक्षा और बैरिकेडिंग के लिए खर्च किया जाए, तो ऐसी त्रासदियों को हमेशा के लिए रोका जा सकता है।
संस्था के प्रदेश अध्यक्ष का संदेश
JLNMCH के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष व संस्था के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतेंद्र कुमार ने कहा कि जीवन जागृति सोसाइटी दुर्घटनाओं को सुनकर भूलती नहीं, बल्कि उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस बैरिकेडिंग की रक्षा करें और दूसरों को भी सुरक्षित स्नान के लिए प्रेरित करें।
ग्रामीणों में उत्साह: “जो सरकार को करना था, वो डॉ. अजय ने किया”
स्थानीय कमिटी के मुख्य सचेतक नवल कुमार मंडल, गौरी शंकर पोद्दार और बजरंगी यादव ने डॉ. अजय सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अब श्रद्धालु बेखौफ होकर इस घाट पर स्नान कर सकेंगे। इससे न केवल लोगों की जान बचेगी, बल्कि सुरक्षित घाट होने से यहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ेगी।
बचाव समिति के सदस्य:
- नवल कुमार मंडल (वार्ड सदस्य-1)
- डब्लू कुमार (मुखिया प्रतिनिधि)
- गौरी शंकर पोद्दार, बजरंगी यादव, राजेंद्र मंडल और पूर्णजय सिंह।


