Patna News: देश के मशहूर गीतकार, कवि और पटकथा लेखक जावेद अख्तर मंगलवार को पटना के गर्दनीबाग स्थित नवनिर्मित ‘बापू टावर’ पहुंचे। संग्रहालय की भव्यता और महात्मा गांधी के विचारों के आधुनिक प्रदर्शन को देखकर वे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे दुनिया का सबसे प्रभावशाली गांधी म्यूजियम करार दे दिया।
भव्य स्वागत और निदेशक से चर्चा
बापू टावर पहुंचने पर संस्थान के निदेशक विनय कुमार ने जावेद अख्तर का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान निदेशक ने उन्हें बापू टावर के निर्माण के पीछे की सोच, इसकी वास्तुकला और यहाँ संजोए गए ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
“दुनिया में ऐसा प्रभावशाली म्यूजियम नहीं देखा”: जावेद अख्तर
पूरे परिसर का भ्रमण करने के बाद जावेद अख्तर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया भर के कई बड़े संग्रहालय देखे हैं, लेकिन बापू टावर की बात अलग है।
”मैंने पूरी दुनिया की खाक छानी है, कई नामी म्यूजियम देखे हैं, लेकिन गांधी जी की स्मृतियों और उनके सिद्धांतों को इतने जीवंत और आधुनिक तरीके से कहीं नहीं दर्शाया गया। बापू टावर वाकई खास है, यहाँ आकर मुझे बापू के बारे में बहुत कुछ नया सीखने को मिला।”
तकनीक और इतिहास का बेजोड़ संगम
भवन निर्माण विभाग द्वारा निर्मित इस संग्रहालय में गांधी जी की विरासत को सिर्फ तस्वीरों तक सीमित नहीं रखा गया है। जावेद अख्तर ने यहाँ मौजूद:
- म्यूरल्स और मूर्तियाँ: जो इतिहास की कहानियों को बयां करती हैं।
- ऑडियो-विजुअल और लघु फिल्में: जिनसे स्वतंत्रता संग्राम के दृश्य सजीव हो उठते हैं।
- आधुनिक रैम्प और गैलरी: जो पर्यटकों को गांधी जी की जीवन यात्रा के करीब ले जाती है।
युवाओं के लिए शिक्षा का नया केंद्र
जावेद अख्तर ने माना कि यह टावर न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि नई पीढ़ी और छात्रों के लिए बापू के आदर्शों को समझने का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा। चंपारण सत्याग्रह से लेकर बिहार के साथ गांधी जी के अटूट जुड़ाव को यहाँ जिस तकनीक से दिखाया गया है, वह अद्भुत है।


