Bhagalpur News: बिहार के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शुमार जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल में गरीब मरीजों से इलाज और ऑपरेशन के नाम पर अवैध राशि की मांग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस बार पीड़ित नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के बैजलपुर पंचायत अंतर्गत कुरपट गांव की निवासी माला देवी हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
क्या है पूरा मामला: ₹40,000 की ‘डिमांड’
माला देवी के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के कुछ कर्मियों द्वारा ऑपरेशन करने के एवज में उनसे ₹40,000 की मांग की गई। परिजनों ने बताया कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद उनसे इतनी बड़ी रकम मांगी गई, जिससे वे बेहद परेशान और डरे हुए थे।
राजद नेता जेड हसन ने संभाला मोर्चा
मामले की जानकारी मिलते ही नाथनगर विधानसभा से राजद के पूर्व प्रत्याशी जेड हसन तुरंत मायागंज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित मरीज और उनके परिजनों से मुलाकात कर पूरी स्थिति का जायजा लिया।
- त्वरित कार्रवाई: जेड हसन ने तत्काल हड्डी रोग विभाग (Orthopaedics) के विभागाध्यक्ष से फोन पर बात की।
- यूनिट और बेड का आवंटन: उनके हस्तक्षेप के बाद मरीज माला देवी को दूसरे यूनिट में शिफ्ट किया गया और तुरंत बेड की व्यवस्था कराई गई।
- अधीक्षक से शिकायत: उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से बात कर आरोपी कर्मियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
“सरकारी अस्पताल में लूट बर्दाश्त नहीं”
मीडिया से बात करते हुए जेड हसन ने कहा कि सरकारी अस्पताल में गरीबों को निःशुल्क इलाज मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। अगर ऑपरेशन के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं, तो यह एक संगठित अपराध है।
चेतावनी: “हमने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मरीज को समुचित और मुफ्त इलाज सुनिश्चित कराया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य गरीब परिवार के साथ ऐसी लूट न हो।”
मायागंज अस्पताल में अवैध वसूली की शिकायतें नई नहीं हैं, लेकिन एक बार फिर इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब देखना यह है कि अस्पताल अधीक्षक उन ‘काली भेड़ों’ की पहचान कर पाते हैं या नहीं जो सरकारी सेवा को व्यापार बना रहे हैं।


