Bhagalpur News: स्मार्ट सिटी भागलपुर के वार्ड नंबर 27 में सड़क निर्माण को लेकर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्थानीय निवासियों और नगर निगम प्रशासन के बीच चौड़ाई को लेकर ठन गई। विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर अतिक्रमण निरोधी दस्ते को बुलाना पड़ा, जिससे इलाके में घंटों तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
क्या है पूरा विवाद?
नगर निगम द्वारा वार्ड 27 में सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। विभागीय योजना के अनुसार, इस सड़क की कुल चौड़ाई 15 फीट निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य शुरू होते ही कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का आरोप था कि उनकी निजी जमीन को सड़क के दायरे में जबरन शामिल किया जा रहा है, जबकि निगम इसे अतिक्रमण मानकर हटाने पर अड़ा था।
मौके पर पहुँची ‘पीला पंजा’ और टीम
हंगामे की सूचना मिलते ही नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता दलबल के साथ मौके पर पहुँच गया। जैसे ही दस्ते ने सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की, लोग उग्र हो गए। स्थानीय निवासियों का कहना था:
“हमने अपनी निजी जमीन पर सालों पहले घर बनाया है। बिना उचित मापदंड के हमारी दीवारों या निर्माण को अवैध बताना सरासर गलत है।”
नगर प्रबंधक की सूझबूझ से थमा बवाल
बिगड़ते हालात और लोगों की नाराजगी को देखते हुए नगर प्रबंधक असगर अली खुद मोर्चा संभालने पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया और विवाद को पारदर्शी तरीके से सुलझाने के लिए मौके पर ही जमीन की अमीन द्वारा नापी कराने का निर्णय लिया।
नापी के बाद स्थिति सामान्य
नगर प्रबंधक की मौजूदगी में जब सड़क की दोबारा पैमाइश (नापी) की गई, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। नापी की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थानीय लोग संतुष्ट नजर आए और उन्होंने निर्माण कार्य में सहयोग करने की सहमति दी। इसके बाद ही इलाके में स्थिति सामान्य हो सकी और सड़क निर्माण का काम दोबारा शुरू हुआ।
विकास और समन्वय की जरूरत
शहरी इलाकों में सड़क चौड़ीकरण अक्सर विवादों का कारण बनता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण से पहले अगर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संवाद कायम हो जाए, तो इस तरह के हंगामे और काम में होने वाली देरी से बचा जा सकता है।


