Bhagalpur News: भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वरूप चक गांव के पास रविवार की देर रात एक भीषण अग्निकांड हुआ। शॉर्ट सर्किट की वजह से एक पोल्ट्री फार्म में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें झुलसकर करीब 3000 मुर्गियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में व्यवसायी को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
देर रात मची चीख-पुकार, आग की लपटों से घिरा फार्म
जानकारी के अनुसार, यह पोल्ट्री फार्म स्थानीय निवासी दीपक कुमार का है। रविवार की रात सब कुछ सामान्य था, लेकिन देर रात अचानक फार्म से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। लपटें देखकर ग्रामीण और फार्म मालिक दीपक कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की जी-तोड़ कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उस पर काबू पाना नामुमकिन साबित हो रहा था।
दमकल विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से पाया काबू
जब ग्रामीणों के प्रयास विफल रहे, तो तुरंत फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
लाखों का नुकसान: दाना और चूजे जलकर हुए खाक
पीड़ित व्यवसायी दीपक कुमार ने भर्राई आंखों से बताया कि:
”मैं घटना से कुछ देर पहले ही मुर्गियों को दाना खिलाकर घर गया था। घर पहुंचते ही सूचना मिली कि फार्म में आग लग गई है। फार्म में करीब 6000 मुर्गियां और चूजे थे। ग्रामीणों की तत्परता से लगभग आधे पक्षियों को तो बचा लिया गया, लेकिन 3000 मुर्गियां जिंदा जल गईं।”
नुकसान का विवरण:
- जीवित हानि: लगभग 3000 मुर्गियां और चूजे जलकर मरे।
- खाद्य सामग्री: करीब 220 बोरी मुर्गियों का दाना (फीड) पूरी तरह जल गया।
- संरचना: फार्म का शेड और अन्य उपकरण भी आग की भेंट चढ़ गए।
प्रशासन से मुआवजे की गुहार
इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। स्वरोजगार के जरिए अपनी जीविका चला रहे दीपक कुमार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित व्यवसायी को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वह दोबारा अपने व्यवसाय को खड़ा कर सके।
रिपोर्ट: बीरेंद्र कुमार राय


