Bhagalpur News: भागलपुर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल शुरू की है। ज्ञान भारतम मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह ने सोमवार को शहर के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का गहन निरीक्षण किया।
एक हजार से अधिक ऐतिहासिक पांडुलिपियों का भंडार
निरीक्षण के दौरान डीडीसी सबसे पहले प्रसिद्ध पीर दमड़िया खानकाह पहुँचे। यहाँ का अवलोकन करते समय प्रशासन को ऐतिहासिक धरोहरों का एक विशाल संग्रह मिला। खानकाह में एक हजार से अधिक प्राचीन पांडुलिपियां, शाही फरमान और मुग़लकालीन महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित पाए गए। इन दस्तावेजों को देख डीडीसी ने इनकी ऐतिहासिक अहमियत पर चर्चा की और इनके बेहतर रखरखाव पर जोर दिया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखेगी भागलपुर की विरासत
ज्ञान भारतम मिशन का मुख्य उद्देश्य इन अमूल्य और दुर्लभ दस्तावेजों को आधुनिक तकनीक के जरिए संरक्षित करना है। डीडीसी ने बताया कि:
- इन सभी पांडुलिपियों का जल्द ही डिजिटलीकरण (Digitization) किया जाएगा।
- इन्हें एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा ताकि देश-दुनिया के शोधार्थी (Researchers) और आम जनता इन्हें आसानी से देख और पढ़ सके।
- इससे न केवल कागजात सुरक्षित रहेंगे, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास को समझने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीडीसी श्री प्रदीप कुमार सिंह ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- जिले के सभी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की सूची जल्द तैयार की जाए।
- जहाँ भी पांडुलिपियां या प्राचीन दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनका त्वरित दस्तावेजीकरण (Documentation) शुरू करें।
- संरक्षण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
डीडीसी का संदेश: > “ज्ञान भारतम मिशन भागलपुर की ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह मिशन हमारी विरासत को विलुप्त होने से बचाएगा और उसे भविष्य के लिए सुरक्षित करेगा।”
इस दौरे के दौरान जिला जनसंपर्क कार्यालय के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस पहल से स्थानीय इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों में खुशी की लहर है।


