Bhagalpur News: भागलपुर जिला परिषद सभागार में आज जीएसटी विभाग, भागलपुर अंचल–1 के संयुक्त आयुक्त सुश्री मिनी के नेतृत्व में जीएसटी और राजस्व वृद्धि पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में टेक्सटाइल एसोसिएशन, सिल्क एसोसिएशन, बुनकर एसोसिएशन, होजरी एसोसिएशन, कर पेशेवर और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सिल्क सिटी का कर योगदान और गिरावट
सेमिनार में चर्चा हुई कि भागलपुर, जिसे “सिल्क सिटी” के नाम से जाना जाता है, ने राज्य के कर राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस योगदान में गिरावट देखी गई है, जो राजस्व हित में चिंता का विषय है। संयुक्त आयुक्त सुश्री मिनी ने कहा कि भागलपुर का टेक्सटाइल सेक्टर राज्य के राजस्व बढ़ाने में अत्यंत संभावनाशील है।
नकद भुगतान और ITC दिशा-निर्देश
संयुक्त आयुक्त ने उन करदाताओं को निर्देश दिया जो केवल इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के माध्यम से कर भुगतान कर रहे हैं, कि वे मार्च 2026 में देय कर का कुछ हिस्सा नकद जमा करें। साथ ही कई करदाताओं का जीएसटी पंजीकरण रिटर्न दाखिल न करने के कारण निलंबित या रद्द किया गया है। ऐसे करदाताओं से अपील की गई कि वे लंबित रिटर्न शीघ्र दाखिल कर अपना पंजीकरण पुनः सक्रिय कराएं।
व्यापारिक सहयोग और सुझाव
व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सकल लाभ (ग्रॉस प्रॉफिट) के अनुसार कर का कुछ हिस्सा नकद जमा करने का समर्थन किया और राज्य के राजस्व में वृद्धि के लिए विभाग के साथ पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस सेमिनार में उप आयुक्त श्री अजय पंडित, सहायक आयुक्त श्री अमित कुमार और श्री मयंक प्रकाश भी उपस्थित थे।
समापन और प्रतिबद्धता
कार्यक्रम का समापन जीएसटी अनुपालन मजबूत करने और क्षेत्र में राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विभाग और व्यापारिक संगठनों के बीच साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। इस पहल से सिल्क सिटी के टेक्सटाइल उद्योग में कर जागरूकता बढ़ाने और राजस्व सुधार की दिशा में नया मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।


