Malda News: मालदा मंडल के अंतर्गत मुंगेर रेलवे स्टेशन परिसर बुधवार को हिंदी साहित्य और संस्कृति के रंग में सराबोर नजर आया, जब प्रख्यात साहित्यकार भवानी प्रसाद मिश्र की जयंती के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा राजभाषा विभाग के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता स्टेशन प्रबंधक श्री राजीव कुमार ने की।
समारोह की शुरुआत वरिष्ठ अनुवादक विद्यासागर राम द्वारा अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत से हुई। इसके बाद उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने भवानी प्रसाद मिश्र के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष द्वारा आमंत्रित वक्ताओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे आयोजन का गरिमामय वातावरण और भी सशक्त हुआ।
इस अवसर पर मुंगेर और पटना से आए साहित्यकारों और वक्ताओं- प्रमोद कुमार निराला, श्रीमती किरण शर्मा, विजय वर्तानिया, डॉ. अंजनी कुमार सुमन, सुश्री श्रेया सुमन, नवीन छवि, निवास कुमार तथा विनय कुमार झा ‘विमल’—ने भवानी प्रसाद मिश्र के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके साहित्यिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि मिश्र जी की रचनाएं न केवल साहित्यिक सौंदर्य से परिपूर्ण हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता पैदा करने का सशक्त माध्यम भी हैं।
कार्यक्रम के दौरान कवियों द्वारा भवानी प्रसाद मिश्र की रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी कविताओं में निहित सामाजिक संदेश और मानवीय मूल्यों ने सभी को गहराई से प्रभावित किया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिदृश्य में भवानी प्रसाद मिश्र की रचनाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। उनके विचार समाज को दिशा देने और सकारात्मक परिवर्तन लाने में आज भी सक्षम हैं।
मालदा मंडल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि रेलवे के आधिकारिक कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने का भी सशक्त माध्यम बना। समारोह ने यह संदेश दिया कि साहित्य और भाषा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
मुंगेर स्टेशन पर भवानी प्रसाद मिश्र जयंती समारोह का भव्य आयोजन, साहित्यिक विचारों से गूंजा माहौल
रेलवे के राजभाषा विभाग की पहल—हिंदी साहित्य के संवर्धन और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का संदेश
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