Bhagalpur News: कहलगांव को नगर पंचायत से नगर परिषद बनाने की प्रक्रिया को लेकर सरकार ने अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक इंजीनियर शुभानंद मुकेश द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवालों के जवाब में नगर विकास एवं आवास विभाग सहित संबंधित विभागों ने लिखित उत्तर दिया है।
सरकार ने स्वीकार किया है कि कहलगांव ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है, जहां राज्य स्तरीय कार्यक्रमों एवं पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
बहुउद्देश्यीय भवन को मिली प्रशासनिक मंजूरी
सरकारी जवाब में बताया गया कि कहलगांव नगर क्षेत्र में अब तक समुचित बहुउद्देश्यीय सह प्रशासनिक भवन के अभाव में आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों, बैठकों और आपात स्थितियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत कहलगांव क्षेत्र में 19×33 (11 डिसमिल) भूमि पर बहुउद्देश्यीय/समारोह भवन निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है और आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जनगणना 2027 के कारण नगर परिषद गठन पर अस्थायी रोक
नगर परिषद गठन को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया कि जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया था, लेकिन भारत जनगणना-2027 की प्रक्रिया के मद्देनजर 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रशासनिक सीमाओं एवं निकाय संरचना में परिवर्तन पर रोक लगाई गई है। जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत इस प्रस्ताव पर पुनः विचार किया जाएगा।
विधायक ने विधानसभा में उठाए कई जनहित मुद्दे
विधायक शुभानंद मुकेश ने कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में वर्षों से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की अनुपलब्धता के कारण सर्जरी बंद रहने का मुद्दा गंभीरता से उठाया। इसके साथ ही उन्होंने अनुपयोगी सरकारी भूमि पर ‘अंगिका हाट’ की स्थापना, इंटर स्तरीय राष्ट्रीय उच्च विद्यालय में स्टेडियम निर्माण, नाले पर अतिक्रमण से उत्पन्न जलजमाव और किसानों को हो रही परेशानियों से सरकार को अवगत कराया तथा स्थायी समाधान की मांग की।
जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा
विधायक शुभानंद मुकेश ने कहा कि वे स्वास्थ्य, रोजगार, संस्कृति, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार सदन एवं सरकार के समक्ष आवाज उठाते रहेंगे। यह हस्तक्षेप कहलगांव क्षेत्र की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


