Patna News: बिहार में कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना-बेतिया एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का जमीनी निरीक्षण किया। इस महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड परियोजना के पूरा होने से उत्तर बिहार और राजधानी पटना के बीच की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि व्यापार और विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।
ग्राउंड जीरो पर मुख्यमंत्री: बकरपुर-मानिकपुर खंड का लिया जायजा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सारण जिले के बकरपुर-मानिकपुर सड़क पर रुककर एक्सप्रेस-वे के प्रथम खंड के निर्माण कार्य की प्रगति देखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और गति पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
3 घंटे में तय होगा सफर: अप्रैल 2027 तक पूरा होगा पहला फेज
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि:
- लक्ष्य: एक्सप्रेस-वे के प्रथम खंड का निर्माण अप्रैल 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
- बचत: वर्तमान में पटना से बेतिया जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह सफर मात्र 3 घंटों में सिमट जाएगा।
- ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट: यह एक पूरी तरह से नई सड़क (ग्रीनफील्ड) है, जिससे ट्रैफिक का दबाव पुराने रास्तों पर कम होगा।
उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि बिहार की प्रमुख कनेक्टिविटी लाइफलाइन है। इसके शुरू होने से:
- सीधा जुड़ाव: वैशाली, सारण, पूर्वी चम्पारण और पश्चिम चम्पारण जिले सीधे राजधानी पटना से जुड़ जाएंगे।
- आर्थिक विकास: उत्तर बिहार के जिलों में कृषि और छोटे उद्योगों को नया बाजार मिलेगा और माल ढुलाई आसान होगी।
- जाम से मुक्ति: मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने से लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:
- मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार
- पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल
- मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि
- सारण जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार और उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी सहित NHAI के अधिकारी भी उपस्थित थे।


