Railway News: पूर्व रेलवे ने रेल पटरियों पर पत्थरबाज़ी की घटनाओं को रोकने के लिए यात्रियों और स्थानीय समुदाय से विशेष अपील की है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार 2026 में पश्चिम बंगाल के विभिन्न मंडलों में 21 पत्थरबाज़ी की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हावड़ा मंडल में 6 घटनाओं में 5 गिरफ्तारियां हुईं, सियालदह मंडल में 4 घटनाओं में 4 गिरफ्तारियां और मालदा मंडल में 5 घटनाओं में 3 गिरफ्तारियां हुईं। आसनसोल मंडल में 6 घटनाएं दर्ज हुईं, लेकिन अभी तक केवल 1 मामले का पता चला और 2 गिरफ्तारियां हुईं।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि ट्रेनें केवल लोहे और इंजन नहीं हैं, बल्कि ये लाखों लोगों के सपनों और जीवन का प्रतीक हैं। पत्थरबाज़ी जैसी हरकतें न केवल राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि यात्रियों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं। उन्होंने समुदाय से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति किसी ट्रेन पर पत्थर फेंकता देखे, तो तुरंत उसे रोकें और समझाएं।
रेलवे ने बताया कि पत्थरबाज़ी अक्सर उन इलाकों में होती है जहां बच्चे खेलते हैं। ट्रेन पर पत्थर फेंकना मनोरंजन नहीं बल्कि गंभीर अपराध है। रेलवे अधिनियम 1989 के तहत धारा 152 के अनुसार जानबूझकर ट्रेन या यात्रियों को नुकसान पहुँचाने पर अपराधी को आजीवन कारावास या अधिकतम दस साल तक की सजा हो सकती है। धारा 154 के तहत लापरवाही से ट्रेन पर पत्थर फेंकने पर एक वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पूर्व रेलवे ने लगातार पटरियों के पास CCTV निगरानी बढ़ा दी है और अपराधियों की पहचान के लिए रिकॉर्डिंग का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, विभिन्न मंडलों में सुरक्षा बल सक्रिय रूप से पत्थरबाज़ी की घटनाओं पर नजर रख रहे हैं।
पूर्व रेलवे का संदेश स्पष्ट है: “ट्रेन को निशाना बनाना अपने ही घर को नुकसान पहुंचाने के समान है। बच्चों को समझाएं, समुदाय जागरूक बनें और पत्थरबाज़ी जैसी हरकतों को रोकें।” रेलवे ने स्थानीय लोगों और माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों को चेतावनी दें और इस तरह की घटनाओं को रोकें।
पूर्व रेलवे की यह पहल केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे समुदाय और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा के लिए भी अहम है। सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से रेल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है और पत्थरबाज़ी जैसी खतरनाक गतिविधियों को रोककर ट्रेन यात्रा को सुरक्षित, सुंदर और निर्बाध बनाया जा सकता है।
पूर्व रेलवे ने पत्थरबाज़ी रोकने के लिए की विशेष अपील, यात्रियों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
ट्रेन सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान: बच्चों और समुदाय को पत्थरबाज़ी से रोकने की अपील


