Bhagalpur News: स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही बीमारियों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार है। इसी उद्देश्य के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की भागलपुर इकाई द्वारा राजकीय इंटर बालिका विद्यालय में एक विशेष ‘कैंसर जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से शिक्षित किया गया।
विशेषज्ञों की टीम ने साझा किए महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यक्रम में शहर के जाने-माने चिकित्सकों ने शिरकत की, जिनमें IMA की अध्यक्ष डॉ. रेखा झा, सचिव डॉ. आर.पी. जायसवाल, डॉ. विभा चौधरी, डॉ. संगीता मिश्रा और डॉ. प्रीति शेखर प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। डॉक्टरों की टीम ने छात्राओं को बताया कि कैंसर अब लाइलाज नहीं है, बशर्ते इसके लक्षणों की पहचान शुरुआती चरण में कर ली जाए।
सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर: लक्षण और बचाव
डॉक्टरों ने छात्राओं को बताया कि महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम हैं।
- टीकाकरण (Vaccination): सचिव डॉ. आर.पी. जायसवाल ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि अब सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है। छात्राओं को उचित समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई।
- नियमित जांच: डॉक्टरों ने जोर दिया कि अगर परिवार में किसी को कैंसर का इतिहास रहा है या शरीर में कोई असामान्य गांठ या परिवर्तन दिखे, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
स्वस्थ जीवनशैली ही असली पूंजी
जागरूकता सत्र के दौरान छात्राओं को दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों के बारे में भी बताया गया:
- स्वच्छता (Hygiene): व्यक्तिगत स्वच्छता कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
- संतुलित आहार: जंक फूड से दूरी और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
- नियमित व्यायाम: फिट रहने के लिए शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की गई।
प्रमुख बिंदु: कार्यक्रम की मुख्य बातें
विषय | मुख्य संदेश |
|---|---|
लक्ष्य | छात्राओं को कैंसर के प्रति जागरूक और सतर्क बनाना। |
मुख्य वक्ता | डॉ. रेखा झा, डॉ. आर.पी. जायसवाल एवं अन्य विशेषज्ञ। |
उपलब्धि | कैंसर के टीकाकरण और आधुनिक इलाज की जानकारी साझा की गई। |
परामर्श | स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच। |
स्वस्थ भविष्य की ओर एक कदम
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था ताकि वे न केवल स्वयं सुरक्षित रहें, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इस जानलेवा बीमारी के प्रति शिक्षित कर सकें। विद्यालय की छात्राओं ने भी इस सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी शंकाओं का समाधान किया।


