Bhagalpur News: लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के चौथे दिन आज भागलपुर जिले के सभी प्रमुख गंगा घाट श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गए। बरारी सीढ़ी घाट, सुल्तानगंज के पावन उत्तरवाहिनी गंगा घाट, कहलगांव और नाथनगर सहित जिले के प्रमुख घाटों पर सुबह से ही व्रतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
उदीयमान सूर्य को अर्घ्य: श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत दृश्य
श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान कर पूरी विधि-विधान और श्रद्धा के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि, संतति की मंगलकामना और लोककल्याण की प्रार्थना की गई। घाटों पर गूंजते छठ गीत, मंत्रोच्चार और दीपों की पंक्तियों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
सुरक्षा और व्यवस्था में जिला प्रशासन का सतर्क योगदान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुव्यवस्था के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सभी प्रमुख घाटों पर आपदा मित्रों, स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई। इसके अलावा बैरिकेडिंग, रोशनी, सफाई और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आस्था और संस्कृति का संगम
आज भागलपुर के गंगा घाटों पर आस्था, अनुशासन और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों दीपों और श्रद्धा की आभा के बीच छठ महापर्व की दिव्यता साफ झलक रही थी। व्रतियों और श्रद्धालुओं के उत्साह, गीत-संगीत और मंत्रोच्चार ने पूरे माहौल को भावपूर्ण और पवित्र बना दिया।
चैती छठ पर्व पर भागलपुर में न केवल आस्था की झलक देखने को मिली, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा के बेहतरीन प्रबंध ने इसे सफल और सुरक्षित आयोजन बना दिया। श्रद्धालुओं की भावनाओं और परंपरा के संरक्षण के साथ यह पर्व जिले में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया।


