Bhagalpur News: राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले रविवार को भागलपुर में रसोइयों की एक विशाल जिला स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले भर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी बदहाली और सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आवाज बुलंद की। रसोइयों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके मानदेय और सुरक्षा की मांगों को अनसुना किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
20 हजार मानदेय का वादा अब तक अधूरा
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा मानदेय वृद्धि का रहा। वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने अप्रैल महीने से रसोइयों का मानदेय 20,000 रुपये करने की बात कही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर यह घोषणा अब तक कागजों में ही सिमटी हुई है।
- न्यूनतम मजदूरी का अभाव: रसोइयों ने बताया कि मौजूदा मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना नामुमकिन हो गया है।
- सामाजिक सुरक्षा की मांग: कार्यस्थल पर सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद की सुविधाओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई।
आंदोलन की रणनीति: पटना और दिल्ली घेरने की तैयारी
बैठक के दौरान रसोइयों की एकजुटता पर जोर देते हुए यह निर्णय लिया गया कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो रसोइया फ्रंट के नेतृत्व में पटना और दिल्ली में चरणबद्ध तरीके से विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संगठन की एकजुटता और संकल्प
जिला संयोजक समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि रसोइया शिक्षा व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है। बैठक के अंत में सभी रसोइयों ने अपने अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रखने का सामूहिक संकल्प लिया।


