Patna News: चैती छठ के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने छठ पर्व के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे आत्मानुशासन, आस्था और शुद्धता का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें लोग पूरे श्रद्धा और नियम के साथ भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। उन्होंने बताया कि यह पर्व आत्मिक शुद्धि और मन की निर्मलता का संदेश देता है, जहां व्रती अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
नीतीश कुमार ने कहा कि छठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अनुशासन, समर्पण और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अनूठा पर्व है। इसमें व्रत रखने वाले लोग कठिन नियमों का पालन करते हैं और पूरी निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने राज्यवासियों से अपील की कि इस पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखें। साथ ही, उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने अपनी शुभकामनाओं में कहा कि चैती छठ का यह महापर्व राज्यवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए तथा समाज में एकता और सद्भाव को और मजबूत करे।
बिहार में छठ पर्व का विशेष महत्व है और यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। चैती छठ, जो वर्ष में दो बार मनाए जाने वाले छठ पर्व का एक महत्वपूर्ण रूप है, पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री के इस संदेश ने राज्यवासियों के बीच उत्साह और श्रद्धा का माहौल और भी बढ़ा दिया है, और लोग इस पर्व को पूरे हर्षोल्लास और आस्था के साथ मनाने की तैयारी में जुटे हैं।
चैती छठ पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संदेश: “आत्मानुशासन और आस्था का पावन पर्व लाए सुख-समृद्धि”
राज्यवासियों को दी बधाई; भगवान सूर्य की उपासना के इस महापर्व पर शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना


