Patna News: बिहार अब केवल खेती और श्रम के लिए नहीं, बल्कि हाई-टेक निवेश और आईटी क्रांति के लिए पहचाना जाएगा। शनिवार को बिहार की सूचना प्रावैधिकी (IT) मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार को पूर्वी भारत के सबसे बड़े ‘टेक हब’ के रूप में स्थापित करना और राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना था।
बिहार की नई नीतियों पर टिकी निवेशकों की नजर
बैठक के दौरान श्रेयसी सिंह ने बिहार सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई क्रांतिकारी नीतियों के बारे में केंद्रीय मंत्री को विस्तार से जानकारी दी। इनमें शामिल हैं:
- Bihar IT Policy 2024: निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें।
- Bihar GCC Policy 2026: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना पर जोर।
- Bihar Semiconductor Policy 2026: चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बिहार को अग्रणी बनाना।
गया और पटना में हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी
मंत्री ने राज्य में तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का अनुरोध किया है:
- IIT पटना में विस्तार: रिसर्च पार्क और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन के दूसरे चरण (Phase-II) की स्थापना।
- गया IMC: गया स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाइयों की शुरुआत।
- AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: बिहार में मेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर विकसित करने की योजना।
निवेश और रोजगार के लिए केंद्र से माँगा ‘बूस्टर डोज’
श्रेयसी सिंह ने बिहार में आईटी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए केंद्र से तीन मुख्य माँगें रखीं:
- निवेश लीड्स: केंद्र सरकार बड़े निवेशकों को बिहार की ओर प्रोत्साहित करे।
- VGF सपोर्ट: व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (Viability Gap Funding) प्रदान करने का आग्रह।
- STPI और NIELIT का विस्तार: राज्य के विभिन्न संभागों में तकनीकी प्रशिक्षण केंद्रों का नेटवर्क बढ़ाना।
अश्विनी वैष्णव ने की सराहना, सहयोग का भरोसा
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार की युवा शक्ति और राज्य के तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य की सराहना की। उन्होंने बिहार को आईटी क्षेत्र में हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने माना कि बिहार के पास एक बड़ा टैलेंट पूल है जो देश की डिजिटल इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
डिजिटल परिवर्तन से बदलेगा बिहार का चेहरा
मुलाकात के बाद श्रेयसी सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच यह समन्वय बिहार के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार जल्द ही डिजिटल नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति का केंद्र बनेगा, जिससे राज्य के युवाओं को अपने ही घर में गुणवत्तापूर्ण रोजगार मिलेगा।
श्रेयसी सिंह की इस सक्रियता से यह साफ है कि बिहार अब आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में निवेश का नया ठिकाना बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।


