Patna News: बिहार अब केवल खेती-किसानी का राज्य नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक ‘ग्लोबल हब’ बनने की ओर अग्रसर है। सोमवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभागार में आयोजित एक भव्य प्रेस वार्ता के दौरान माननीय उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऐतिहासिक उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में “समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार” के संकल्प के साथ राज्य अब योजना से क्रियान्वयन के मोड में आ चुका है।
विजन 2030: महत्वाकांक्षी लक्ष्य और संस्थागत ढांचा
बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए एक बेहद साहसी रोडमैप तैयार किया है:
- निवेश और रोजगार: ₹50 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 1 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
- नए निदेशालयों का गठन: MSME क्षेत्र को मजबूती देने के लिए MSME निदेशालय और उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए बिहार राज्य विपणन प्राधिकार (BSMA) की स्थापना की गई है।
- एपेक्स समितियां: बिहार को ‘ईस्टर्न टेक हब’ और ‘ग्लोबल बैकएंड हब’ बनाने के लिए तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है।
नीतिगत क्रांति: BIIPP 2025 और सेमीकंडक्टर नीति
बिहार ने निवेशकों को रिझाने के लिए देश का सबसे प्रतिस्पर्धी पैकेज पेश किया है:
- BIIPP 2025: इसके तहत उच्च-मूल्य निवेशों के लिए निःशुल्क भूमि, पूंजी अनुदान, और SGST पुनर्भरण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
- बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026: पूर्वी भारत में बिहार पहला राज्य बनने जा रहा है जो सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग में निवेश को प्रोत्साहित करेगा।
- क्षेत्र विशेष नीतियां: लॉजिस्टिक्स, बायोफ्यूल्स, वस्त्र और चमड़ा नीतियों के माध्यम से ‘Policy for All’ के तहत हर वर्ग को समान अवसर दिए जा रहे हैं।
निवेश के आंकड़े: जमीन पर उतर रही है प्रगति
वर्ष 2025-26 बिहार के लिए ‘निवेश का साल’ साबित हुआ है:
- नए प्रस्ताव: कुल 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनका मूल्य ₹17,217 करोड़ से अधिक है।
- दिग्गज कंपनियां: रिलायंस इंडस्ट्रीज, जे. के. लक्ष्मी सीमेंट, आदित्य बिरला ग्रुप, मदर डेयरी और HPCL जैसी कंपनियों को बियाडा (BIADA) के माध्यम से भूमि आवंटित की जा चुकी है।
- भूमि बैंक: 24 जिलों में 13,343 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
मेगा प्रोजेक्ट्स: बदल रही है बिहार की तस्वीर
राज्य में बुनियादी ढांचे का जाल बिछाया जा रहा है:
- BIMCGL गया: अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत गया के डोभी में 1,670 एकड़ में मैन्युफैक्चरिंग सिटी का निर्माण।
- मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क: फतुहा के जैतिया में 102 एकड़ में निर्माण जारी, साथ ही पास में फिनटेक सिटी की योजना।
- SEZ और पार्क: बक्सर और पश्चिमी चम्पारण में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) और मुजफ्फरपुर में लेदर व टेक्सटाइल पार्क का विस्तार।
- महिला छात्रावास: कामकाजी महिलाओं के लिए 10 जिलों में हॉस्टल का निर्माण प्रगति पर है।
ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस: श्रम सुधारों में अग्रणी
बिहार ने उद्योगों के संचालन को आसान बनाने के लिए नियमों में लचीलापन लाया है:
- महिला सशक्तिकरण: अब महिलाएं सुबह 5:00 से रात 10:00 बजे तक फैक्ट्रियों में काम कर सकेंगी।
- काम के घंटे: प्रतिदिन 12 घंटे तक संचालन की अनुमति (साप्ताहिक 48 घंटे की सीमा के साथ)।
- सिंगल विंडो सिस्टम: बिहार अब ‘नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम’ (NSWS) के साथ पूरी तरह एकीकृत है।
स्टार्टअप और स्वरोजगार: युवाओं के सपनों को उड़ान
- स्टार्टअप बिहार: इस साल 109 नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए। अब तक ₹92.2 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। पटना और पूर्णिया में को-वर्किंग स्पेस तैयार हैं।
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना: अब तक 44,179 लाभुकों को ₹3,242 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई है।
- खादी और शिल्प: पटना खादी मॉल ने ₹22 करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री की। पूर्णिया, दरभंगा और गया में भी नए मॉल प्रस्तावित हैं।
उद्योग मंत्री ने विश्वास दिलाया कि बिहार अब ‘निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य’ बन चुका है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, बेहतर हवाई संपर्क और नई नीतियों के संगम से बिहार पूर्वी भारत के विकास का असली चेहरा बनकर उभरेगा।


