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फिंगरप्रिंट क्लोनिंग से सरकारी राशि की बड़ी ठगी का खुलासा, पिरपैंती में साइबर गिरोह का भंडाफोड़

सीएसपी केंद्र पर छापेमारी में 320 लोगों के आधार-फिंगरप्रिंट क्लोन, लैपटॉप और कई उपकरण बरामद—करोड़ों की हेराफेरी की आशंका

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पिरपैंती थाना क्षेत्र में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फिंगरप्रिंट क्लोनिंग के जरिए सरकारी योजनाओं की राशि की बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की शुरुआत 23 मार्च को खोशलपुर निवासी प्रभात कुमार द्वारा भागलपुर के साइबर थाना में दिए गए लिखित आवेदन से हुई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और जांच शुरू की। जांच के दौरान मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर टीम ने खोशलपुर स्थित एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएसपी) पर छापेमारी की, जिसका संचालन राजकिशोर यादव द्वारा किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इनमें सिलिकॉन पेपर पर तैयार लगभग 320 लोगों के आधार नंबर सहित फिंगरप्रिंट क्लोन, एक लैपटॉप, कई बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, फिंगरप्रिंट स्कैनर मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। बरामद सामग्री से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा था।
सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजकिशोर यादव से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि वह लोगों के फिंगरप्रिंट का क्लोन तैयार कर उनके बैंक खातों से सरकारी योजनाओं की राशि निकाल लेता था। आरोपी विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था, जो डिजिटल लेन-देन और बैंकिंग प्रक्रियाओं से कम परिचित होते थे।
प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह कोई एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो लंबे समय से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार किन-किन जिलों या राज्यों तक फैले हुए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा और आधार आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी को किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।
पिरपैंती में इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ी है, वहीं प्रशासन इस तरह के साइबर अपराधों पर सख्ती से नकेल कसने की तैयारी में जुट गया है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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