Patna News: बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए विश्वसनीय सूत्रों से खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल यानी 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सोमवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई जदयू (JD-U) के वरिष्ठ नेताओं की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद इस फैसले पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा का होगा मुख्यमंत्री? सम्राट चौधरी रेस में सबसे आगे
इस राजनीतिक बदलाव की सबसे बड़ी खबर यह है कि नई सरकार में इस बार मुख्यमंत्री की कुर्सी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में जा सकती है।
- सम्राट चौधरी: सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान राजनीति के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
- उपमुख्यमंत्री पर चर्चा: चर्चा यह भी है कि कैबिनेट में संतुलन बनाने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें विजय चौधरी और नीतीश कुमार के पुत्र निशान्त कुमार के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
क्या है इस बड़े बदलाव की वजह?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बदलाव आगामी चुनावों और गठबंधन को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। नीतीश कुमार खुद को केंद्र की राजनीति में या गठबंधन के मार्गदर्शक की भूमिका में रख सकते हैं, जबकि बिहार की कमान भाजपा के हाथों में सौंपकर एक नए युग की शुरुआत की जा रही है।
15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी
अगर नीतीश कुमार कल इस्तीफा सौंपते हैं, तो परसों यानी 15 अप्रैल को राजभवन में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। खबर यह भी है कि इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुँच सकते हैं।
विपक्ष की हलचल तेज
इधर, सत्ता के गलियारों में मची इस हलचल ने विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है। राजद (RJD) और अन्य विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं और अपनी अगली रणनीति तैयार करने के लिए आपात बैठकें बुला रहे हैं।


