Patna News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए Nitish Kumar की सरकार ने राज्य के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कूलों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया है। इस फैसले के बाद अब राज्य के स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाना जरूरी होगा। सरकार के इस निर्णय को राष्ट्रभावना और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या है नया नियम?
जारी आदेश के अनुसार, सभी स्कूलों में सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय पर्व, सरकारी कार्यक्रमों और विशेष आयोजनों के दौरान भी राष्ट्रगीत का गायन अनिवार्य किया गया है। इस दौरान सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक खड़े रहना होगा।
फैसले के पीछे सरकार की मंशा
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों के भीतर देशभक्ति की भावना को विकसित करना और उन्हें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्कूल स्तर पर इस तरह के सांस्कृतिक और राष्ट्रीय कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन को सख्त निर्देश
सरकार ने इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि आदेश का पालन हो रहा है या नहीं। लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
कानूनी पहलू और विवाद
इस फैसले को लेकर कुछ जगहों पर बहस भी शुरू हो गई है। हालांकि, इस संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय एक मार्गदर्शक निर्देश माना है। कोर्ट का कहना है कि इसे सख्ती से थोपना उचित नहीं होगा, लेकिन इसका उद्देश्य सकारात्मक है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह कदम शिक्षा के साथ-साथ छात्रों में राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले का स्कूलों और छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ता है।


