Bhagalpur News: भागलपुर के गोराडीह थाना अंतर्गत बड़ी दोस्तनी इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ अपराधी प्रवृत्ति के कुछ असामाजिक तत्वों ने एक ही परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस संकट की घड़ी में ‘शरन्य’ राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था की तत्परता और गोराडीह थाना की त्वरित कार्रवाई ने न केवल पीड़ितों की जान बचाई, बल्कि कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ाया है।
घटना का विवरण: घर में घुसकर बेरहमी से की गई मारपीट
31 मार्च 2026 की शाम लगभग 7:15 बजे, बड़ी दोस्तनी इलाके में सन्नाटा उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया जब हथियारबंद अपराधियों ने विजय ठाकुर के घर पर धावा बोल दिया। अपराधियों के हाथों में लाठी, डंडे और भाले जैसे घातक हथियार थे।
पीड़ितों की सूची:
- विजय ठाकुर (70 वर्ष): परिवार के बुजुर्ग सदस्य।
- रिठू ठाकुर (36 वर्ष): विजय ठाकुर के पुत्र।
- रेखा देवी (30 वर्ष): रिठू ठाकुर की पत्नी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधियों ने इन सभी को घर से घसीटकर बाहर निकाला और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में तीनों बुरी तरह घायल हो गए और उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई।
मानवाधिकार संस्था ‘शरन्य’ की निर्णायक भूमिका
घटना की सूचना मिलते ही ‘शरन्य’ राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था के कार्यालय ने मामले की गंभीरता को समझा। जिसके बाद संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ईशान सिन्हा ने बिना समय गंवाए अविलंब गोराडीह थाना प्रभारी से संपर्क साधा और हस्तक्षेप की मांग की। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के सक्रिय होने के कारण मामले ने तुरंत तूल पकड़ा और प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और उपचार
सूचना मिलते ही गोराडीह थाना प्रभारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस बल को घटनास्थल पर रवाना किया।
- मौके पर रेस्क्यू: पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर घायलों को अपनी गाड़ी में बिठाया।
- प्राथमिक उपचार: सभी घायलों को तुरंत गोराडीह स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
- हायर सेंटर रेफर: घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ चिकित्सकों की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका उपचार शुरू किया। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
थाना प्रभारी का आश्वासन: “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”
इधर, गोराडीह पुलिस ने मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि:
“कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। बहुत जल्द सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।”
संस्था का संदेश
’शरन्य’ राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और समाज में शांति बनाए रखने की अपील की है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि वह पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक इस मामले की निगरानी करती रहेगी।


