Bhagalpur News: भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और प्रसारण सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 01 अप्रैल को लोकसभा सत्र के दौरान, सांसद ने प्रश्न संख्या 6080 के माध्यम से भागलपुर में आकाशवाणी (AIR) और दूरदर्शन (DD) की वर्तमान स्थिति, उनके डिजिटल विस्तार और स्थानीय कलाकारों को मिलने वाले अवसरों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।
केंद्र सरकार का जवाब: डिजिटल हुआ भागलपुर आकाशवाणी
सांसद के सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री ने भागलपुर के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
- आधुनिक डिजिटल स्टूडियो: भागलपुर का आकाशवाणी केंद्र अब पूरी तरह से आधुनिक डिजिटल स्टूडियो से सुसज्जित हो चुका है।
- 17 घंटे का प्रसारण: वर्तमान में यह केंद्र प्रतिदिन 17 घंटे से अधिक के उच्च गुणवत्ता वाले कार्यक्रमों का प्रसारण कर रहा है।
- ग्लोबल रीच: अब भागलपुर की खबरें और कार्यक्रम केवल रेडियो सेट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें ‘न्यूज़ ऑन एयर’ ऐप, ‘डीडी फ्री डिश’ और सरकार के नए ‘वेव्स’ (Waves) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी दुनिया भर में सुना और देखा जा सकता है।
स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच
सांसद ने सदन में जोर देकर कहा कि भागलपुर की ‘अंगिका’ संस्कृति और यहां की क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए डिजिटल विस्तार अनिवार्य है। उन्होंने कहा:
“इन नई तकनीकी पहलों से हमारी क्षेत्रीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का वैश्विक मंच मिल रहा है, जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत संरक्षित और प्रचारित होगी।”
सामुदायिक रेडियो (Community Radio) पर विशेष जोर
सांसद ने केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि सामुदायिक रेडियो नेटवर्क के विस्तार की भी पुरजोर वकालत की। उन्होंने मांग की कि भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए कम्युनिटी रेडियो को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि किसान, छात्र और स्थानीय उद्यमी सीधे लाभान्वित हो सकें।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
विषय | वर्तमान स्थिति / उपलब्धि |
|---|---|
प्रसारण समय | प्रतिदिन 17+ घंटे |
तकनीक | सुसज्जित डिजिटल स्टूडियो |
प्लेटफॉर्म | न्यूज़ ऑन एयर, डीडी फ्री डिश, वेव्स (Waves) ओटीटी |
मुख्य मांग | सामुदायिक रेडियो नेटवर्क का विस्तार और स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता |
सांसद की इस पहल से उम्मीद जगी है कि भागलपुर आने वाले समय में पूर्वी बिहार का एक बड़ा मीडिया और कल्चरल हब बनकर उभरेगा। प्रसारण सेवाओं की मजबूती से न केवल सूचना का प्रवाह तेज होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।


