Bhagalpur News: बिहार सरकार के ‘7 निश्चय पार्ट-3’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में सोमवार को ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 30 आम जनों ने अपनी समस्याओं को डीएम के समक्ष रखा।
पेंशन और जमीन विवाद के मामलों की रही प्रधानता
जनसुनवाई के दौरान पहुंचे आवेदनों में सबसे अधिक मामले लंबित पेंशन और जमीन विवाद से संबंधित पाए गए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बात सुनी और संबंधित फाइलों का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों का निष्पादन समय सीमा के भीतर किया जाए ताकि आम जनता को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
पूरे जिले में चला सुनवाई का दौर
सिर्फ जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के सभी स्तरों पर आज शिकायतों की सुनवाई की गई:
- वरीय अधिकारियों की मौजूदगी: उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) और अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) ने अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों को सुलझाया।
- प्रखंड और थाना स्तर: सभी प्रखंड कार्यालयों, अंचलों और थानों में भी अधिकारियों ने आम जनों की समस्याएं सुनीं।
फरियादियों की सुविधाओं का रखा गया विशेष ख्याल
प्रशासन की ओर से इस बार जनसुनवाई में आने वाले लोगों की सहूलियत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे:
- पंजीकरण और रसीद: हर शिकायतकर्ता का आवेदन विधिवत रजिस्टर में दर्ज किया गया और उन्हें प्राप्ति रसीद दी गई।
- बुनियादी सुविधाएं: भीषण गर्मी को देखते हुए सभी कार्यालयों के समीप शुद्ध पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई थी।
क्या है ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’?
यह अभियान बिहार सरकार की प्राथमिकता है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को पारदर्शी बनाना और आम नागरिक के जीवन को सुगम (Ease of Living) बनाना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य लक्ष्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है।


