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BAU में बीज उत्पादन सह खरीफ फसल कार्यक्रम की हुई बैठक, जलवायु अनुकूल उन्नत खेती के लिए बीज उत्पादन पर की गई चर्चा

रिपोर्ट – रवि शंकर सिन्हा

सिल्क टीवी भागलपुर (बिहार) : भागलपुर के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को बीज एवं प्रक्षेत्र निदेशालय की ओर से ‘बीज उत्पादन सह खरीफ फसल कार्यक्रम 2022 की एक दिवसीय बैठक आयोजित हुई।

बैठक की अध्यक्षता बीएयू के कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने की। अपने सम्बोधन में कुलपति डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि राज्य के किसानों को उन्नत बीज की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, और इसके लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का बीज एवं प्रक्षेत्र निदेशालय इस दिशा में बेहतर काम कर रहा है, जिसके लिए बीज एवं प्रक्षेत्र निदेशालय की पूरी टीम और वैज्ञानिक जलवायु अनुकूल उन्नत खेती के लिए बीज उत्पादन में लगे हुए हैं, और वे सभी बधाई के पात्र हैं। इसके पूर्व बैठक का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

बैठक की शुरुआत निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र डॉ. पी. के. सिंह ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत कर किया, जबकि इसके बाद डॉ. पी. के. सिंह ने विश्वविद्यालय में बीज उत्पादन के क्षेत्र में चल रहे विविध कार्यक्रमों की जानकारी विस्तार पूर्वक दी। निदेशक ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विभिन्न इकाइयों के माध्यम से किसानों के लिए उपयोगी किस्मों के बीज का उत्पादन कर रहा है, जबकि 10 वर्ष पुराना बीज अब किसानों के लिए अधिक उपयोगी  नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा कि जलवायु अनुकूल उन्नत बीज किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे की खेती में किसानों को बीज के कारण किसी प्रकार से नुकसान नहीं उठाना पड़े। साथ ही कहा कि बीएयू के बीज उत्पादन और वितरण कार्यक्रम में कॉलेजों के साथ-साथ क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के कार्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र ने कहा कि बीएयू द्वारा उत्पादित बीज किसानों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, और जलवायु अनुकूल खेती में सबौर सुरभित और सबौर अर्ध जल किसानों का पसंदीदा धान बीज बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विगत वर्ष उत्पादित कुल बीज का 98.12 प्रतिशत बीज की बिक्री हो चुकी है, जो विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि को दर्शाती है, जबकि इसमें सबौर संपन्न धान बीज को किसानों ने सबसे अधिक पसंद किया है। वहीं बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कृषि अधिष्ठाता डॉ. रेवती रमन सिंह ने कहा कि यहां का प्रजनन धान बीज बिहार के साथ बंगाल के किसान भी काफी पसंद कर रहे हैं, और यहां से बीज की खरीदारी भी कर ले जा रहे हैं, जिससे विश्वविद्यालय द्वारा उन्नत बीज उत्पादन के महत्त्व का पता चलता है।

इधर बीएयू के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने ने कहा कि उन्नत किस्म के बीज उत्पादन से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर गरिमा बढ़ी है, और यह गर्व की बात है कि इस तरह की बैठक में 22 केवीके के अधिकारी और किसान भी शिरकत कर रहे हैं। डॉ. सोहाने ने कहा कि सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को बीएयू के बीज को प्रमोट करने की जरूरत है, जबकि बीज वितरण में डीलर को भी इस नेटवर्क में जोड़ने की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान मुख्य अतिथि एग्री ऑन सीड (क्रॉप) के नोडल पदाधिकारी और चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. सीपी सचान ने BAU भागलपुर में चल रही बीज उत्पादन की योजनाओं की जमकर प्रशंसा करते हुए इस कार्य में जुटी पूरी टीम को बधाई दी। डॉ. सीपी सचान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन कृषि कार्य के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है, जिसको ध्यान में रखकर ही अब हमें बीज उत्पादन करने की जरूरत होगी। वहीं विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. शशिकांत ने बताया कि बैठक के तकनीकी सत्र में कृषि जॉन टू और थ्री A और B के वैज्ञानिकों ने सेंटर वाइज बीज उत्पादन योजना पर अपनी अपनी कार्य योजना की विस्तार से जानकारी दी, जबकि खरीफ 2022 बीज उत्पादन कार्य  योजना को अंतिम रूप दिया गया। बैठक का संचालन डॉक्टर रागिनी कुमारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मुकेश कुमार ने किया।

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