Bhagalpur News: भागलपुर जिले के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। बुधवार को भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप सिंह ने सबौर प्रखंड का विस्तृत वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक मुख्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर पंचायतों में चल रही योजनाओं की गुणवत्ता तक का गहन अवलोकन किया।
उपस्थिति और रिकॉर्ड देख हुए गदगद
निरीक्षण की शुरुआत में डीडीसी ने प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति पंजी की जांच की। संतोषजनक बात यह रही कि सभी कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात पाए गए। कार्यालय के विभिन्न अभिलेख और रजिस्टर भी अद्यतन (Updated) मिले, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। बैठक में बीडीओ सहित प्रखंड के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विकास योजनाओं की ‘क्वालिटी’ पर जोर
डीडीसी ने 15वें वित्त आयोग से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायतों में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- WPU की जांच: उन्होंने प्रखंड के सभी वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) की क्रियाशीलता की जांच कर जल्द विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
- कार्यालयों का दौरा: बाल विकास परियोजना (ICDS), व्यापार मंडल, आरटीपीएस और मनरेगा कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई और समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं से सीधा संवाद
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का दौरा रहा। डीडीसी ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई और सुविधाओं के बारे में बात की।
- छात्राओं की मांग: छात्राओं ने खेल सामग्री की कमी और विद्यालय में चाहरदीवारी (Boudary Wall) न होने की समस्या उठाई।
- तत्काल एक्शन: डीडीसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को तुरंत प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि जल्द से जल्द चाहरदीवारी का निर्माण कराया जा सके।
निरीक्षण दल में ये रहे शामिल
इस वार्षिक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिषद के अधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS) सहित कई विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।


