Home भागलपुर हुजूर लॉकडाउन में तबाह हो गए हम, अब तो खोलने दीजिए स्‍कूल...

हुजूर लॉकडाउन में तबाह हो गए हम, अब तो खोलने दीजिए स्‍कूल और कोचिंग…

रिपोर्ट – सैयद ईनाम उद्दीन

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन ने बिहार के निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की कमर तोड़ दी है। शिक्षा के मंदिर में कई महीनों से सन्नाटा पसरा है और यहां पढ़ाने वाले शिक्षक सड़क पर दिखाई दे रहे हैं। कोरोना के कारण प्रदेश में 10 हजार से अधिक निजी स्कूल बंद हो गए हैं। जबकि इन स्कूलों में पढ़ाने वाले करीब 50 हजार से अधिक शिक्षक बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। भागलपुर में भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। क्योंकि सरकार के निर्देश पर बिहार के सभी जिलों में कोविड 19 के कारण सरकारी और निजी स्कूलों में पठन पाठन बंद हैं। स्कूल और कोचिंग बंद होने से शिक्षकों और इससे जुड़े कर्मियों के बीच कई तरह की समस्या उत्पन्न हो गई है। साथ ही छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित है। वहीं शुक्रवार को प्राइवेट टीचर्स एसोसिएशन से जुड़े शिक्षक अपनी मांग को लेकर भागलपुर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन से मिलने पहुंचे। लेकिन किसी कारणवश शिक्षकों की मुलाकात डीएम से नहीं हो सकी। डीएम की अनुपस्थिति में प्राइवेट टीचर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी फिरोज अख्तर को ज्ञापन सौंपा। जबकि शिक्षकों ने  इसके अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी पत्र देकर अपनी समस्या बताई। इस दौरान स्कूल कोचिंग संचालकों ने जिला प्रशासन से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिक्षण संस्थान खोलने की अनुमति मांगी। साथ ही अपनी आर्थिक और मानसिक समस्याओं से भी अवगत कराया। जिस पर फिरोज अख्तर ने सरकारी दिशा निर्देश का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि प्राइवेट स्कूल-कोचिंग खोलने को लेकर जैसे ही सरकार की नई गाइडलाइंस आएगी, वैसे ही जिला प्रशासन उसपर सकारात्मक पहल करेगा। इधर पीटीए से जुड़े शिक्षक विनय कुमार, अजय यादव और उमाशंकर शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 से ही सभी प्राईवेट टीचर भुखमरी के कगार पर हैं। फिर भी सरकार प्राईवेट कोचिंग संस्थान को कोई आर्थिक सहायता नहीं दे रही है। वहीं संघ के राजेश कुमार, जे. पी. उजाला, ए. के. अमन और सुधाकर मिश्रा ने कहा कि प्राइवेट स्कूल और कोचिंग संस्थान बंद होने के कारण शिक्षकों की स्थिति दयनीय हो चुकी है, जिसके कारण हमलोग सड़क पर आ गए हैं। उन्होंने बताया कि एक तरफ मकान मालिक भाड़ा के लिए दबाव बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिजली बिल नहीं देने से कनेक्शन कटने लगा है। पीटीए से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि हमलोग विकट परिस्थिति में भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांग पर जरा भी ध्यान नहीं दे रही है, इसलिए अब चरणबद्ध आंदोलन करना हमारी मजबूरी है।

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