Home भागलपुर हिन्दी भारत की लोकप्रिय और जनभाषा: कुलपति

हिन्दी भारत की लोकप्रिय और जनभाषा: कुलपति

रिपोर्ट – सैयद ईनाम उद्दीन

सिल्क टीवी/भागलपुर (बिहार) : हिन्दी भाषा को आज जन-जन तक प्रचारित-प्रसारित किये जाने की जरूरत है। हिन्दी भारत की लोकप्रिय और जनभाषा है। हिन्दी को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ इसे और भी आगे ले जाने की आवश्यकता है। उक्त बातें टीएमबीयू के पीजी हिन्दी विभाग में शनिवार को आयोजित हिंदी दिवस समारोह को संबोधित करती हुई कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कही।

कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में भी भारतीय भाषाओं के ऊपर काफी जोर दिया गया है। आज लोग अपनी मूल भाषा को भूलते जा रहे हैं। हमें अपनी मूल भाषा को मजबूत बनाना है। हिन्दी हमारी मूल भाषा है। वीसी प्रो. गुप्ता ने कहा कि सभी लोग हिंदी में ही अपना हस्ताक्षर भी करें। इसी से हिंदी को मजबूत बनाने की दिशा में सार्थक शुरुआत करें। इससे हिंदी के प्रति प्रोत्साहन का भाव जगेगा। संडे, मंडे बोलने की जगह हिंदी में ही दिन या महीने का नाम लें। हिंदी दिवस को हिंदी उत्सव के रुप में मनाया जाना काफी गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारा अभिमान है। हिन्दी भाषा पर हमें गर्व है। लोगों के समेकित प्रयास से ही हिन्दी भाषा को जन-जन तक पहुँचाया जा सकता है। कुलपति ने कहा कि हिंदी दुनिया की सबसे सरल, समृद्ध और पुरानी भाषाओं में से एक मानी जाती है। हिंदी भारत की राजभाषा भी है। यह देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी का साहित्य बेहद समृद्ध है और दुनिया भर में लोकप्रिय भी है। हिंदुस्तान की शान है हिन्दी। इसके पूर्व कुलपति ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उदघाटन किया। हिंदी विभाग की छात्राओं ने कुलगीत और स्वागत गान पेश किया।कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग के वरीय शिक्षक प्रो. बहादुर मिश्र कर रहे थे। कुलपति का स्वागत स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष ने बुके भेंट कर किया।

विभाग के हेड ने स्वागत भाषण भी दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के प्रोफेसर कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि हिन्दी भाषा में एकरूपता होनी चाहिए। इसका दायित्व हिन्दी के विद्वानों के ऊपर ही है। प्रो. सिंह ने कहा कि हमारे स्वाभिमान की पहचान अपनी मातृभाषा हिन्दी से ही होती है। उन्होंने कहा की आज देश से अंग्रेज तो चले गए लेकिन उनकी अंग्रेजियत आज भी रह गई है। मौके पर डॉ तुषारकान्त द्वारा लिखित पुस्तक ‘साहित्यसेवी तारकेश्वर प्रसाद : एक अनकही कथा’ का लोकार्पण कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने किया। मौके पर राजभाषा सप्ताह 2021के सफल प्रतिभागियों को हिन्दी विभाग की ओर से पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर टीएमबीयू के पीआरओ डॉ दीपक कुमार दिनकर के अलावे विभाग के शिक्षक डॉ दिव्यानंद, डॉ सुजाता कुमारी सहित कई शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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